Bengal की बड़ी जीत! 106 दिन में ₹3500 करोड़ का Investment, Global Shipbuilding Hub बनने की तैयारी
बंगाल के लिए बड़ी खबर है...
जहां एक तरफ देश को Global Shipbuilding Hub बनाने की तैयारी तेज हो रही है, वहीं West Bengal में करीब ₹3,500 करोड़ के पांच बड़े Defence और Shipbuilding Projects की नींव रखी गई है।
खास बात ये है कि ये खबर ऐसे वक्त आई है, जब राज्य सरकार के गठन को 106 दिन हुए हैं।
लेकिन सवाल है—क्या बंगाल अब फिर से देश के बड़े Industrial और Shipbuilding Centre के तौर पर वापसी करने जा रहा है?
वीओ-1:
23 अगस्त को Defence Minister Rajnath Singh ने Kolkata से Garden Reach Shipbuilders & Engineers यानी GRSE और Yantra India Limited के पांच Expansion Projects का Virtual Bhumi Pujan किया।
इन पांचों Projects में कुल Investment करीब ₹3,500 करोड़ बताया गया है।
इनका मकसद सिर्फ Defence Production बढ़ाना नहीं, बल्कि Shipbuilding, Ship Repair, Metallurgical Production और Defence Manufacturing को एक साथ मजबूत करना है।
वीओ-2:
सबसे बड़ा Project है Raichak का नया Shipbuilding Facility।
GRSE यहां ₹2,500 करोड़ से ज्यादा निवेश करने जा रहा है।
इस Facility में करीब 200 मीटर तक लंबे Warships और 60 हजार टन तक के Commercial Vessels बनाए जा सकेंगे।
यानी बंगाल में ऐसा Infrastructure तैयार किया जा रहा है, जो आने वाले समय में बड़े Commercial और Defence Ships की जरूरत पूरी कर सके।
वीओ-3:
इसके अलावा GRSE की Expansion Kolkata के Kidderpore और Howrah के Shalimar में भी होगी।
वहीं Yantra India Limited के Ishapore स्थित Metal and Steel Factory में दो Projects पर काम होगा।
इन Projects में Defence Sector के लिए जरूरी Heavy Forgings और Specialised Metal Products की घरेलू Production Capacity बढ़ाने पर जोर है।
वीओ-4:
अब इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा हिस्सा समझिए।
Defence Minister Rajnath Singh ने कहा कि दुनिया के पारंपरिक Shipbuilding देशों में Capacity घट रही है, जबकि Global Demand बढ़ रही है।
यही वो मौका है, जहां India Global Shipbuilding Hub बन सकता है।
और भारत के लिए बंगाल की लोकेशन बेहद अहम है—क्योंकि यहां Port Infrastructure, Skilled Workforce और पुराना Shipbuilding Ecosystem पहले से मौजूद है।
वीओ-5:
GRSE की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी ने अब तक 800 से ज्यादा Vessels बनाए हैं।
कंपनी Defence Ships के साथ Commercial Shipbuilding में भी आगे बढ़ रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक GRSE एक German Company के लिए 12 Cargo Ships भी बना रहा है और भारत से Warship Export की दिशा में भी कदम बढ़ा चुका है।
वीओ-6:
अब आते हैं 106 दिन वाली बात पर।
West Bengal के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कहा कि उनकी सरकार को सत्ता में आए 106 दिन हुए हैं और Centre के साथ मिलकर Investment और Infrastructure को आगे बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
इसी कार्यक्रम में उन्होंने Bengal को एक बार फिर बड़ा Investment Destination बनाने की बात कही।
हालांकि, ₹3,500 करोड़ का Investment सीधे 106 दिनों में आया हुआ नया Private Investment नहीं है—यह पांच Expansion Projects की कुल अनुमानित लागत है, जिसकी Foundation Ceremony 23 अगस्त को हुई।
वीओ-7:
और यही बंगाल के लिए सबसे बड़ी कहानी है।
एक तरफ Defence Manufacturing...
दूसरी तरफ Shipbuilding...
तीसरी तरफ Ship Repair और Maintenance...
और चौथी तरफ MSME और Ancillary Industries के लिए नए अवसर।
इन Projects से सीधे रोजगार के साथ-साथ छोटे-बड़े Suppliers और Engineering Businesses को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
तो ₹3,500 करोड़ का ये Project सिर्फ बंगाल में कुछ नई फैक्ट्रियां बनाने की कहानी नहीं है।
ये उस बड़े Vision का हिस्सा है, जिसमें भारत Make in India से Make for the World की तरफ बढ़ रहा है।
और अगर Global Shipbuilding Market में भारत अपनी जगह मजबूत करता है, तो बंगाल का Kolkata-Raichak Shipbuilding Corridor आने वाले समय में देश के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।
यानी बंगाल में फिर सुनाई दे रही है—
Shipbuilding की गूंज...
Defence Manufacturing की रफ्तार...
और Global Hub बनने की तैयारी!