Monday, October 5, 2026

रात के एक बजे आखिर ऐसा क्या होता है कि भारत के लोगों की मिसाल दुबई तक दी जाने लगी? दुनिया की सबसे ऊंची इमारत Burj Khalifa के पीछे जिस कारोबारी का नाम आता है, उन्होंने भारतीयों की मेहनत और काम के प्रति समर्पण की खुलकर तारीफ की है।

रात के एक बजे आखिर ऐसा क्या होता है कि भारत के लोगों की मिसाल दुबई तक दी जाने लगी?

दुनिया की सबसे ऊंची इमारत Burj Khalifa के पीछे जिस कारोबारी का नाम आता है, उन्होंने भारतीयों की मेहनत और काम के प्रति समर्पण की खुलकर तारीफ की है।

दरअसल, Emaar Properties के फाउंडर मोहम्मद अल-अब्बार ने अबू धाबी में हुए Make It in the Emirates Summit के दौरान भारतीय प्रोफेशनल्स को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वह भारतीयों को नौकरी देना पसंद करते हैं, क्योंकि वे जरूरत पड़ने पर देर रात तक भी उपलब्ध रहते हैं।

अल-अब्बार ने एक खास उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय कर्मचारी रात के एक बजे भी फोन उठा लेते हैं।

अब जरा सोचिए—रात का एक बज चुका है, ज्यादातर लोग अपने दिन का काम खत्म करके आराम कर रहे हैं, लेकिन किसी बिजनेस की जरूरत पड़ती है और फोन किया जाता है तो भारतीय कर्मचारी फोन रिसीव कर लेते हैं।

मोहम्मद अल-अब्बार के मुताबिक, यही प्रतिबद्धता भारतीय प्रोफेशनल्स को अलग बनाती है।

उन्होंने यह भी कहा कि सफलता केवल IQ या टैलेंट से नहीं मिलती। उनके मुताबिक लगातार मेहनत, अनुशासन, सही लोगों को टीम में शामिल करना, काम की निगरानी और सही समय पर जोखिम लेना भी बेहद जरूरी है।

और यहीं से भारत की एक ऐसी तस्वीर सामने आती है जिसे दुनिया के बड़े कारोबारी भी नोटिस कर रहे हैं।

भारत के करोड़ों लोग आज दुनिया के अलग-अलग देशों में काम कर रहे हैं। UAE में भी भारतीय समुदाय सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है और भारतीय प्रोफेशनल्स बिजनेस, टेक्नोलॉजी, कंस्ट्रक्शन, रिटेल और सर्विस सेक्टर में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

हालांकि, अल-अब्बार के बयान का एक दूसरा पहलू भी है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हुई कि क्या हर समय उपलब्ध रहना वास्तव में मेहनत की निशानी है, या फिर इससे कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस पर असर पड़ सकता है।

यानी एक तरफ भारतीयों की मेहनत और जिम्मेदारी की तारीफ हो रही है, तो दूसरी तरफ यह सवाल भी उठ रहा है कि काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन कितना जरूरी है।

लेकिन एक बात तय है—Burj Khalifa के डेवलपर का यह बयान भारतीय प्रोफेशनल्स की वैश्विक पहचान को लेकर एक बड़ी चर्चा जरूर छेड़ गया है।

जिस देश के लोग दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जाकर अपनी मेहनत से पहचान बना रहे हैं, उनकी कार्यशैली को अब दुनिया के बड़े कारोबारी मंचों पर भी चर्चा मिल रही है।

तो सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि रात के एक बजे भारतीय फोन क्यों उठाते हैं…

सवाल यह है कि क्या भारतीयों की यही मेहनत और प्रतिबद्धता उन्हें आने वाले समय में दुनिया की सबसे ज्यादा मांग वाली वर्कफोर्स बना सकती है?

आप इस बयान को कैसे देखते हैं—भारतीयों की मेहनत की तारीफ या वर्क-लाइफ बैलेंस पर एक बड़ा सवाल?