शादीशुदा पुरुष की वेदना:- ******************************** ब्याऔ नहीं करने थो, कर गये। नाहक में,  आफत में पर गये।। बनीं  बेड़ियाँ    सात   भाँवरें, सपने  पके  बेर से  झर  गये।।            जान मान  आफत  लाबे खाँ,            दूल्हा बनकेँ   उनके घर गये।            गऊ  कह केँ  दै दई  शेरनी,            ससुर असुर बन हमें अखर गये।। ऐसें   खर्चा   करत  भुमानीं, जैसें बाप  कमा कें  धर गये। क्रीम  पाउडर  में  गये  रुपैया, घर के सब हालात बिगर गये।।             मजा मौज सब भूल गये हैं,             ऐंसौ लगत जेल में भर गये।             दद्दा  हाल  देख केँ  बोले,            "काये"बेटा ठीक  सुधर गये।। ****************************** एक अज्ञात बुन्देल खंडी रचनाकारi

शादीशुदा पुरुष की वेदना:- ******************************** ब्याऔ नहीं करने थो, कर गये। नाहक में,  आफत में पर गये।। बनीं  बेड़ियाँ    स...
Wednesday, February 22, 2017

SHIV RATRY

SHIV RATRY
Friday, February 17, 2017

little krishna

little krishna
Tuesday, February 7, 2017

Garam Msala full movies

Tuesday, January 24, 2017

news 100 big news

Monday, January 23, 2017

salman khan is marrid

Thursday, January 5, 2017

Mi to

Thursday, December 29, 2016

2017

Friday, December 23, 2016

pawan and joti Engagement

Tuesday, December 20, 2016

बहुत पुरानी बात है .... एक अफ्रीकन अपने परिवार के साथ जंगल में ही रहता था .... 😎उसने और उसके परिवार ने कभी आईना नहीं देखा था ... 😦 एक दिन जंगल में उसे शीशा मिल गया... 😧 उसमें खुद को देखकर समझा कि उसके बाप की तस्वीर है... 👽 और वो उसे अपने घर ले गया और रोज बातें करने लगा... 😳 उसकी बीवी को शक़ हुआ... 😏 एक दिन जब उसका पति घर से बाहर गया हुआ था तब उसने वो शीशा निकाला... 😰 खुद अपनी शक्ल देखकर बोली : 'अच्छा... तो ये है वो कल-मूही जिस से मेरा पति रोज़ बातें करता है ' 😢 उसने शीशा अपनी सास को दिखाया, 😨 तो सास बोली : 'चिंता मत कर... शुक्र मना... बुड्ढी है , जल्दी ही मर जाएगी' ...

 बहुत पुरानी बात है .... एक अफ्रीकन  अपने परिवार के साथ जंगल में ही रहता था .... 😎उसने और उसके परिवार ने कभी आईना नहीं देखा था ... 😦 ए...

😂😂हँसी रोक नहीं पाओगे😂😂 संस्कृत की क्लास मे गुरूजी ने पूछा = पप्पू इस श्लोक का अर्थ बताओ. "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन". . पप्पू = राधिका शायद रस्ते मे फल बेचने का काम कर रही है.😎 . गुरूजी = मूर्ख, ये अर्थ नही होता है. चल इसका अर्थ बता:- "बहुनि मे व्यतीतानि, जन्मानि तव चार्जुन." 😋 . पप्पू = मेरी बहू के कई बच्चे पैदा हो चुके हैं, सभी का जन्म चार जून को हुआ है.😬😑 . गुरूजी गुस्सा हो गये फिर पुछा :- "तमसो मा ज्योतिर्गमय" पप्पु= तुम सो जाओ माँ मैं ज्योति से मिलने जाता हुँ. 😂😂😂 . गुरूजी = अरे गधे, संस्कृत पढता है कि घास चरता है. अब इसका अर्थ बता:- "दक्षिणे लक्ष्मणोयस्य वामे तू जनकात्मजा." . पप्पू = दक्षिण मे खडे होकर लक्ष्मण बोला जनक आजकल तो तू बहुत मजे मे है. . गुरूजी = अरे पागल, तुझे १ भी श्लोक का अर्थ नही मालूम है क्या ? पप्पू = मालूम है ना. 😃 . गूरूजी = तो आखरी बार पूछता हूँ इस श्लोक का सही सही अर्थ बताना.- हे पार्थ त्वया चापि मम चापि.......! . क्या अर्थ है जल्दी से बता. पप्पू = महाभारत के युद्ध मे श्रीकृष्ण भगवान अर्जुन से कह रहे हैं कि........ 😎😉 . गुरूजी उत्साहित होकर बीच मे ही कहते हैं = हाँ, शाबास, बता क्या कहा श्रीकृष्ण ने अर्जुन से........? 😘 . पप्पू = भगवान बोले = अर्जुन तू भी चाय पी ले, मैं भी चाय पी लेता हूँ. फिर युद्ध करेंगे. गुरूजी बेहोश..............

😂😂हँसी रोक नहीं पाओगे😂😂 संस्कृत की क्लास मे गुरूजी ने पूछा = पप्पू इस श्लोक का अर्थ बताओ. "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन...

एक पुलिस वाला रास्ते में चेकिंग कर रहा था तभी सामने से एक आदमी आता दिखा। . पुलिस वाले ने उससे पूछा कि इस लाल बैग में क्या है? . आदमी ने कहा बताते हैं बताते हैं, . पुलिस वाले ने फिर पूछा क्या है, . आदमी ने फिर कहा बताते हैं बताते हैं, . पुलिस वाले को थोड़ा शक हुआ और वह उसे थाने ले आया। . थाने में बम डिफ्यूज करने वालों को बुलाकर उसका बैग खुलवाया तो उसमें बताशे निकले। . पुलिस वाले ने उससे कहा कि इसमें बताशे हैं तुम बोल क्यों नहीं रहे थे। . आदमी ने कहा कि इत्ती देल से यही तो तह लहा था ती इतमें बताते हैं बताते है. 😂😝😝😝😝😝😝😝ं

एक पुलिस वाला रास्ते में चेकिंग कर रहा था तभी सामने से एक आदमी आता दिखा। . पुलिस वाले ने उससे पूछा कि इस लाल बैग में क्या है? . आदमी ...