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UP Tak की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने एक मुस्लिम किसान ने खुलकर अपने दिल की बात कही, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर काफी हो रही है। 00:20 Opens in a new window यह पूरा मामला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों के सम्मान से जुड़ा है। वीडियो की मुख्य बातें इस प्रकार हैं: ✈️ "हवाई चप्पल से हवाई जहाज तक का सफर" मुस्लिम किसान का गजब का बयान: जेवर एयरपोर्ट के लिए अपनी 31 बीघा जमीन देने वाले विस्थापित गांव (नंगला छतर) के मुस्लिम किसान जफरुल्ला खान (जफरू जी) ने मंच से मुख्यमंत्री के सामने कहा— "आज हम हवाई चप्पल पहनकर हवाई जहाज में बैठे हैं। हमारे मुख्यमंत्री जी ने क्षेत्र में बहुत विकास कराया है।" 00:12 Opens in a new window, 02:00 Opens in a new window पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव: एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले इन किसानों को विशेष रूप से पहली बार हवाई जहाज से सफर कराकर लखनऊ लाया गया था। किसानों ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अपनी जमीन देने के बदले उन्हें जीवन में ऐसा यादगार अनुभव मिलेगा। 01:08 Opens in a new window 🌾 किसानों ने उत्तर प्रदेश सरकार के काम को सराहा समारोह में किसानों ने बिना किसी भेदभाव के मिल रहे विकास कार्यों और योजनाओं के लिए सरकार की जमकर तारीफ की: 03:23 Opens in a new window एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट: किसानों ने खुशी जताई कि उनके क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ग्लोबल कंपनियां और फिल्म सिटी जैसी विशाल परियोजनाएं आ रही हैं, जिससे बच्चों को रोजगार मिलेगा। 02:44 Opens in a new window पारदर्शी व्यवस्था: राज्य की कानून-व्यवस्था में सुधार, बेहतर सड़क नेटवर्क, निर्बाध बिजली आपूर्ति और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की किसानों ने सराहना की। 03:10 Opens in a new window किसानों के लिए डिजिटल सुधार: गन्ने के दामों में हुई वृद्धि और चीनी मिलों की पर्चियों को पूरी तरह डिजिटल (पेपरलेस) किए जाने से खेती-किसानी और व्यापार काफी पारदर्शी व सरल हो गया है। 03:31 Opens in a new window 🤝 विधायक और सरकार पर भरोसा किसानों ने जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह की भी प्रशंसा की, जिन्होंने भूमि अधिग्रहण के समय घर-घर जाकर किसानों से संवाद किया और भरोसा जीता। 04:01 Opens in a new window मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में किसानों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके इसी अटूट विश्वास की वजह से 13,000 एकड़ से अधिक भूमि पर बिना किसी विवाद के एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का निर्माण संभव हो पा रहा है
Bharat Believable चैनल के इस वीडियो में विदेशी पर्यटकों का भारत के एक दक्षिण भारतीय (South Indian) मंदिर में प्रसाद ग्रहण करने का खूबसूरत अनुभव दिखाया गया है। 00:53 Opens in a new window इस वीडियो के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: केले के पत्ते पर पारंपरिक भोजन: विदेशी पर्यटकों को तमिलनाडु के एक मंदिर में पारंपरिक तरीके से जमीन पर बैठकर केले के पत्ते पर भोजन परोसा गया। 00:36 Opens in a new window प्रसाद की वैरायटी: उनके पत्ते पर कई तरह के पारंपरिक चावल परोसे गए, जिनमें इमली के चावल (Tamarind Rice), नारियल के चावल (Coconut Rice), वेजिटेबल राइस और मीठा पोंगल (Sweet Pongal) शामिल थे। विदेशी यह देखकर हैरान थे कि एक ही बार में चावल की इतनी किस्में मिलती हैं। 01:29 Opens in a new window हाथ से खाने का अनुभव: वीडियो में उन्हें बिना चम्मच के, भारतीय संस्कृति के अनुसार अपने सीधे हाथ (Right Hand) से खाना खाते हुए और उसका आनंद लेते हुए दिखाया गया है। 01:43 Opens in a new window, 02:32 Opens in a new window सनातनी परंपरा और समानता: वीडियो में बताया गया है कि भारत में मंदिर का यह प्रसाद सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि भक्ति और सेवा का प्रतीक है, जहाँ बिना किसी भेदभाव और बिना किसी शुल्क के सभी को समान रूप से भोजन कराया जाता है। 01:50 Opens in a new window विदेशी पर्यटकों ने इस अनूठे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव की बेहद सराहना की और कहा, "I love this experience!"
🚨 घटना की मुख्य बातें: पीड़ित और आरोपी का परिचय: पीड़ित महिला नागपुर में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है और उसके पति भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) में कार्यरत हैं। मुख्य आरोपी अयाज ताज मदारे पीड़ित का पुराना सहपाठी (Classmate) था, जिसने फरवरी 2025 में प्लॉट खरीदने के बहाने उससे संपर्क किया था। 00:08 Opens in a new window नशीला पदार्थ देकर रेप: आरोपी अयाज उसे प्लॉट दिखाने के बहाने वर्धा के एक होटल में ले गया, जहाँ महिला को नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ रेप किया गया। 00:15 Opens in a new window ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ना: इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के अश्लील वीडियो और तस्वीरें बना लीं और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लगातार उसका यौन शोषण किया। आरोपी ने महिला को ब्लैकमेल करके उससे ₹39,000 भी वसूल लिए। 00:31 Opens in a new window जबरन धर्मांतरण और निकाह: महिला पर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए लगातार दबाव बनाया गया। पीड़ित का आरोप है कि उसे मध्य प्रदेश ले जाया गया, जहाँ एक मौलाना की मौजूदगी में जबरन कलमा पढ़वाकर मुख्य आरोपी के साथ उसका निकाह कराया गया। 00:48 Opens in a new window 📹 वायरल वीडियो और पुलिस की कार्रवाई: वायरल वीडियो का सच: घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में मुख्य आरोपी अयाज महिला पर काबू पाने या वश में करने के इरादे से कुछ कलमा या मंत्र जैसा बुदबुदाकर फूंकता हुआ नजर आ रहा है, जबकि महिला "हाथ छोड़ो ना" कहकर चीखती और विरोध करती सुनाई दे रही है। 02:43 Opens in a new window अब तक की गिरफ्तारियां: पीड़ित महिला ने अपने पति को विश्वास में लेकर नागपुर के सोनेगांव पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अयाज ताज मदारे और उसके दोस्त आमीन शेख को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें 5 दिन की पुलिस कस्टडी मिली है। 01:59 Opens in a new window फरार मौलाना की तलाश: मध्य प्रदेश (तामिया) का रहने वाला आरोपी मौलाना, जिसने यह जबरन निकाह कराया था, फिलहाल फरार है और नागपुर पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। 02:05 Opens in a new window पुलिस को अंदेशा है कि इस रैकेट के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसने अन्य महिलाओं को भी इस तरह प्रताड़ित किया हो। इसलिए पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
India.com की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वैकल्पिक और स्वदेशी ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आधिकारिक तौर पर 100 प्रतिशत एथेनॉल (E100) ईंधन के इस्तेमाल को कानूनी मान्यता देने वाले नियमों को मंजूरी दे दी है। 00:43 Opens in a new window इस बड़े फैसले और वीडियो से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: 📄 फैसले से जुड़ी मुख्य बातें: फाइल पर हस्ताक्षर: नितिन गडकरी ने बताया कि उन्होंने शनिवार रात 8:00 बजे उस महत्वपूर्ण फाइल पर साइन किए, जिससे देश में 100% एथेनॉल ईंधन के नियमों को कानूनी रूप से मंजूरी मिल गई। 01:20 Opens in a new window आयात पर निर्भरता होगी कम: भारत हर साल पेट्रोलियम ईंधन के आयात (Import) पर करीब ₹22 लाख करोड़ खर्च करता है। वैश्विक अनिश्चितताओं और तेल संकट के बीच इस फैसले से भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता काफी कम होगी और देश आत्मनिर्भर बनेगा। 01:34 Opens in a new window पेट्रोल का बेहतरीन विकल्प: आने वाले समय में देश में ऐसी गाड़ियां और मोटरसाइकिलें सड़कों पर दौड़ेंगी जो पूरी तरह (100%) सिर्फ एथेनॉल पर चलेंगी, यानी उपभोक्ताओं को उनमें पेट्रोल डलवाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। 00:59 Opens in a new window 🚗 कौन सी कंपनियां ला रही हैं 100% एथेनॉल गाड़ियां? नितिन गडकरी ने खुद अपने बयान में उन ऑटोमोबाइल कंपनियों का जिक्र किया जो जल्द ही अपने एथेनॉल वेरिएंट्स (Flex-Fuel Vehicles) बड़े स्तर पर बाजार में उतारने जा रही हैं: 01:06 Opens in a new window Maruti Suzuki: कंपनी अपनी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार Wagon R का 100% एथेनॉल मॉडल पेश कर चुकी है। 02:10 Opens in a new window Hero MotoCorp: हीरो कंपनी अपनी दो मोटरसाइकिलें 100% एथेनॉल (फ्लेक्स फ्यूल) पर लॉन्च कर चुकी है। 02:17 Opens in a new window अन्य दिग्गज कंपनियां: Toyota, Suzuki, MG Hector और Hyundai जैसी तमाम बड़ी कंपनियां आने वाले डेढ़ से दो महीने के भीतर अपनी 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी में हैं। 02:25 Opens in a new window 💡 भ्रामक प्रचार से बचने की सलाह: नितिन गडकरी ने एक मजेदार किस्सा साझा करते हुए बताया कि कुछ लोग एथेनॉल को लेकर दुष्प्रचार भी कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि एथेनॉल को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें गलत हैं। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (कार, बस, ट्रैक्टर, ट्रक) की सफलता के बाद अब 'एथेनॉल युग' भारत के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Dainik Jagran - दैनिक जागरण की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने डीजल और विमान ईंधन (ATF) के निर्यात (Export) पर लगने वाले टैक्स (विंडफॉल टैक्स) में बढ़ोतरी की है। आपके मुख्य सवाल "क्या पेट्रोल-डीजल महंगा होगा?" का सीधा जवाब है—नहीं, घरेलू बाजार में आम जनता के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। 01:31 Opens in a new window इस फैसले से जुड़ी मुख्य बातें और इसके पीछे की वजह नीचे दी गई हैं: 💰 टैक्स में क्या बदलाव हुआ है? डीजल पर टैक्स: डीजल के निर्यात पर टैक्स ₹13.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹14 प्रति लीटर कर दिया गया है। 01:06 Opens in a new window ATF (विमान ईंधन) पर टैक्स: एटीएफ के निर्यात पर टैक्स ₹9.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹12.5 प्रति लीटर कर दिया गया है। 01:15 Opens in a new window पेट्रोल पर टैक्स: पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यह पहले की तरह ₹1.5 प्रति लीटर ही रहेगा। 01:23 Opens in a new window ❓ सरकार ने यह फैसला क्यों लिया? घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करना: पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे तनाव और वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता को देखते हुए सरकार देश के भीतर ईंधन की पर्याप्त सप्लाई बनाए रखना चाहती है। 01:45 Opens in a new window ज्यादा मुनाफे पर रोक: सरकार का उद्देश्य यह है कि तेल कंपनियां भारतीय बाजार की जरूरतों को नजरअंदाज करके, ज्यादा मुनाफे के चक्कर में भारी मात्रा में ईंधन विदेशों में न बेच दें। निर्यात पर टैक्स बढ़ने से विदेशों में तेल बेचना कंपनियों के लिए कम आकर्षक हो जाएगा और देश में तेल की कमी नहीं होगी। 01:59 Opens in a new window ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security): सरकार भविष्य में होने वाली किसी भी संभावित कमी या कीमतों में अचानक आने वाले उछाल से देश को सुरक्षित रखना चाहती है। 02:33 Opens in a new window 👤 आम जनता पर क्या असर होगा? यह टैक्स केवल विदेशों में निर्यात किए जाने वाले ईंधन पर बढ़ाया गया है। देश के अंदर पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की मौजूदा कीमतों या घरेलू टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए आम उपभोक्ताओं की जेब पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा
भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। Bharat Tak की इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का सफल परीक्षण किया है। 00:10 Opens in a new window इस सफल परीक्षण और मिसाइल की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: 🚀 परीक्षण से जुड़ी मुख्य बातें: परीक्षण का स्थान: यह सफल फ्लाइट टेस्ट ओडिशा के तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया। 00:25 Opens in a new window सटीक प्रदर्शन: मिसाइल ने उड़ान के हर चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी तय लक्ष्यों को पूरी सटीकता के साथ हासिल किया। 00:31 Opens in a new window प्रमुख प्रयोगशाला: इस महत्वाकांक्षी परियोजना को बेंगलुरु स्थित एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADE) द्वारा डीआरडीओ की अन्य प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योगों के सहयोग से तैयार किया गया है। 00:52 Opens in a new window वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी: इस परीक्षण के दौरान भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और डीआरडीओ के चेयरमैन ने इस सफलता पर वैज्ञानिकों की टीम को बधाई दी है। 01:07 Opens in a new window 🛡️ क्यों खास है LRLACM मिसाइल? (मुख्य विशेषताएं) अत्याधुनिक सबसोनिक क्रूज मिसाइल: इसे लंबी दूरी पर मौजूद दुश्मन के महत्वपूर्ण और रणनीतिक ठिकानों को तबाह करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। 01:26 Opens in a new window रडार से बचने में माहिर: यह मिसाइल जमीन से लॉन्च होने के बाद बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है (Terrain Following Technique)। कम ऊंचाई पर उड़ने और रास्ते बदलने की क्षमता के कारण दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे पकड़ पाना नामुमकिन के बराबर हो जाता है। 01:41 Opens in a new window एडवांस नेविगेशन व गाइडेंस: इसमें अत्याधुनिक सैटेलाइट गाइडेंस, एडवांस नेविगेशन सिस्टम और सटीक टारगेटिंग क्षमता मौजूद है, जो इसे सीधे दुश्मन के कमांड सेंटर, एयरबेस और सैन्य ठिकानों पर अचूक निशाना लगाने की शक्ति देती है। 01:52 Opens in a new window पूर्णतः स्वदेशी (आत्मनिर्भर भारत): इस मिसाइल के लगभग सभी महत्वपूर्ण सिस्टम भारत में ही विकसित किए गए हैं। इससे न केवल विदेशी तकनीकों पर भारत की निर्भरता कम होगी, बल्कि भविष्य में रक्षा निर्यात (Defense Export) के नए रास्ते भी खुलेंगे। 02:40 Opens in a new window यह परीक्षण भारतीय सेनाओं की लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता (Long Range Strike Capability) में एक बड़ा गेम चेंजर साबित होने वाला है।
India News की इस विशेष रिपोर्ट के अनुसार, भारत की बढ़ती सैन्य और सामरिक ताकत को देखकर पाकिस्तान के भीतर घबराहट और चिंता का माहौल है। इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: पाकिस्तान के थिंक टैंक में बेचैनी: भारत की सैन्य ताकत, विशेषकर 100 से अधिक राफेल (Rafale) लड़ाकू विमानों की खरीद, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक ड्रोन तकनीक के कारण पाकिस्तानी विशेषज्ञों में भारी चिंता है। 00:01 Opens in a new window बातचीत और शांति बहाली की पैरवी: पाकिस्तान की पूर्व राजनयिक मलीहा लोधी और कनाडाई-पाकिस्तानी विशेषज्ञ प्रोफेसर विलायत मलिक जैसे जानकारों का मानना है कि भारत के साथ शांति बनाए रखने में ही पाकिस्तान का हित है। उनके अनुसार, दोनों देश किसी अन्य बड़े संकट का जोखिम नहीं उठा सकते। 00:37 Opens in a new window ऑपरेशन सिंदूर और बैक-चैनल वार्ता: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पैदा हुए भारी तनाव के बीच पर्दे के पीछे से (Track 2 talks/Back-channel talks) बातचीत के तीन दौर हो चुके हैं, हालांकि अभी तक कोई बड़ा राजनीतिक ब्रेकथ्रू नहीं मिला है। 00:06 Opens in a new window सिंधु जल संधि पर संकट: सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को लेकर बढ़ते विवाद ने पाकिस्तान की कृषि और जल सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को बहुत अधिक बढ़ा दिया है। 02:11 Opens in a new window भारत की प्रगति से सीखने की सलाह: पाकिस्तानी विशेषज्ञों ने भारत की शिक्षा, तकनीक और औद्योगिक विशेषता की सराहना की है। यहाँ तक कि पाकिस्तान में भारत के प्रतिष्ठित आईआईटी (IIT) जैसे संस्थान स्थापित करने की बात भी कही गई है ताकि वहाँ के युवाओं को अवसर मिल सकें।भारत का रुख: भारत सरकार की ओर से अभी तक किसी भी आधिकारिक वार्ता बहाली के संकेत नहीं दिए गए हैं। भारत का हमेशा से यह स्पष्ट रुख रहा है कि "आतंकवाद और बातचीत दोनों एक साथ नहीं चल सकते।" संक्षेप में, भारत के कड़े रुख और सैन्य आधुनिकीकरण के दबाव में अब पाकिस्तान के भीतर से ही टकराव का रास्ता छोड़ संवाद और स्थिरता की राह चुनने की आवाजें उठने लगी हैं।
इस यूट्यूब वीडियो के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के निस (Nice) शहर में आयोजित 'भारत इनोवेट्स' (Bharat Innovates) सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे 01:45 Opens in a new window। इस सम्मेलन के दौरान एक खास कला प्रदर्शनी लगाई गई थी, जहां एक ऐसी चीज देखकर पीएम मोदी बेहद गदगद और खुश हो गए, जिसे उन्होंने बाद में पूरी दुनिया के साथ सोशल मीडिया पर भी साझा किया 02:08 Opens in a new window, 03:57 Opens in a new window। पीएम मोदी की खुशी की मुख्य वजहें निम्नलिखित थीं: फ्रांसीसी कला में भारत की आत्मा: प्रदर्शनी में कुछ ऐसी अद्भुत कलाकृतियां थीं, जो पहली नजर में फ्रेंच कला जैसी लग रही थीं, लेकिन उनके भीतर भारत और विशेषकर राजस्थान की संस्कृति की गहरी छाप थी 02:16 Opens in a new window, 03:40 Opens in a new window। जयपुर से प्रेरित फ्रेंच कलाकार: इन खूबसूरत पेंटिंग्स को बनाने वाले दो फ्रांसीसी कलाकार—थियोफिल डी बाश (Théophile de Bascher) और थिबा डी ला लोंस (Thibault de La Londe) थे 02:32 Opens in a new window। ये दोनों कलाकार हाल ही में भारत आए थे और उन्होंने गुलाबी नगरी जयपुर में करीब 10 दिन बिताए थे 02:51 Opens in a new window। सांस्कृतिक जुगलबंदी: जयपुर यात्रा के दौरान इन कलाकारों ने वहां के रंगों, महलों, हवेलियों, भारतीय सौंदर्य और परंपराओं को इतने करीब से महसूस किया कि फ्रांस लौटकर उन्होंने अपने इस अनुभव को वहां की कलाकृतियों में बखूबी उतार दिया 03:09 Opens in a new window, 03:26 Opens in a new window। हजारों किलोमीटर दूर फ्रांस की धरती पर जयपुर और भारतीय संस्कृति के इन खूबसूरत रंगों और जुड़ाव को देखकर पीएम मोदी खुद को रोक नहीं पाए और उनके चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान आ गई 00:00 Opens in a new window, 01:04 Opens in a new window। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इन कलाकृतियों को बेहद दिलचस्पी से देखा 01:04 Opens in a new window। पीएम मोदी ने इस पल को दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक रिश्तों की नींव और एक अटूट दोस्ती का बेहतरीन प्रतीक बताया
यह वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्लोवाकिया दौरे और वहां की राजधानी ब्रातिस्लावा में हुए उनके भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत की झलक दिखाता है। इस यूट्यूब वीडियो के मुख्य आकर्षण और महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं: रोटी और नमक से स्वागत: ब्रातिस्लावा पहुंचने पर स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लनार ने पीएम मोदी का स्वागत किया। वहां की प्राचीन परंपरा के अनुसार पीएम मोदी को रोटी और नमक भेंट किया गया, जिसे स्लोवाकिया में गहरी मित्रता और मेहमाननवाजी का प्रतीक माना जाता है। विदेशी कलाकारों द्वारा 'वंदे मातरम': स्वागत समारोह में स्लोवाकिया के प्रसिद्ध सांस्कृतिक समूह 'लुसनिका एनेंबल' ने वंदे मातरम गीत की बेहद शानदार प्रस्तुति दी, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट: पीएम मोदी ने 'महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट' नामक एक स्लोवाक संगीत समूह की आध्यात्मिक प्रस्तुति भी देखी और इसके साथ ही वहां के लोक नृत्य दल 'कोपाचियारिक' ने पारंपरिक स्लोवाक नृत्य पेश किया। ऐतिहासिक दौरा: स्लोवाकिया के गठन के बाद वहां का दौरा करने वाले नरेंद्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। राजनयिक बैठकें: अपने इस दौरे पर पीएम मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें रक्षा, व्यापार, निवेश और विज्ञान-तकनीक जैसे रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा वे वहां के राष्ट्रपति पीटर पेलिग्रिनी के साथ भी बैठक करेंगे और 'टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर' जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। वहां मौजूद प्रवासी भारतीयों ने भी तिरंगा लहराते हुए "मोदी-मोदी" और "भारत माता की जय" के नारों के साथ पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
यह वीडियो अमेरिका के छात्रों द्वारा न्यू जर्सी स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम (BAPS) मंदिर के एक शैक्षणिक दौरे (Educational Tour) को दिखाता है 02:39 Opens in a new window। शुरुआत में छात्र इसे महज एक साधारण धार्मिक स्थल समझकर घूमने निकले थे, लेकिन वहां जाकर जो उन्होंने अनुभव किया और सीखा, उसने उन्हें हैरान कर दिया 02:03 Opens in a new window। इस यूट्यूब वीडियो के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: अद्भुत वास्तुकला और नक्काशी: मंदिर परिसर में कदम रखते ही छात्र वहां की भव्यता, प्राचीन भारतीय नक्काशी और बेजोड़ शिल्पकारी को देखकर दंग रह गए 02:48 Opens in a new window, 03:40 Opens in a new window। सनातन धर्म के मूल विचार: मंदिर के स्वयंसेवकों ने छात्रों को सनातन संस्कृति के गहरे जीवन मूल्यों से परिचित कराया, जैसे: शाकाहार (Vegetarianism) का महत्व और सभी जीवों के प्रति दया भाव 03:06 Opens in a new window, 03:56 Opens in a new window। प्रकृति और पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर जीना 04:05 Opens in a new window। एक परमात्मा के अनेक रूप/नाम की अवधारणा (एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति) 03:56 Opens in a new window, 04:24 Opens in a new window। वसुधैव कुटुंबकम की भावना: छात्रों ने सीखा कि यह संस्कृति दुनिया को बांटने की नहीं, बल्कि 'वसुधैव कुटुंबकम' (पूरी दुनिया एक परिवार है) के विचार के साथ सबको आपस में जोड़ने का संदेश देती है 01:46 Opens in a new window, 04:44 Opens in a new window। मानसिक शांति का अहसास: अमेरिकी छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह सिर्फ पत्थरों से बनी एक इमारत नहीं है, बल्कि यह आत्मिक शांति, करुणा और सीखने का एक अनूठा केंद्र है 04:13 Opens in a new window। उन्होंने बेहद सम्मान के साथ मंदिर के नियमों का पालन भी किया 04:59 Opens in a new window। यह वीडियो दर्शाता है कि कैसे भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन आज भी दुनिया भर की युवा पीढ़ी को अपनी ओर आकर्षित और प्रभावित कर रहे हैं
यह यूट्यूब वीडियो "Border Debate" चैनल द्वारा प्रस्तुत किया गया है। वीडियो का शीर्षक "सनातन धर्म अपना रहीं पाकिस्तानी लड़कियां" एक चर्चा और विभिन्न सोशल मीडिया क्लिपों का संकलन है, जिसमें मुख्य रूप से भारत और पाकिस्तान से जुड़े सामाजिक और धार्मिक विषयों पर बात की जा रही है। वीडियो में दिखाए गए और चर्चा किए गए मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: शीर्षक की पृष्ठभूमि (क्लिकबेट और क्लिपिंग्स): वीडियो की शुरुआत में कुछ ऐसी क्लिपों और बयानों को दिखाया गया है जहां कुछ महिलाएं या लड़कियां सनातन धर्म, राम नाम और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी आस्था या झुकाव व्यक्त कर रही हैं 00:00 Opens in a new window। हालांकि, यह एक पूरी डिबेट (बहस) और इंटरव्यू का हिस्सा है। पाकिस्तानी लड़कियों का भारत और भारतीय पुरुषों के प्रति दृष्टिकोण: वीडियो के एक हिस्से में एक पाकिस्तानी लड़की (वजीहा) का इंटरव्यू दिखाया गया है, जो कहती है कि उसे भारत की संस्कृति और वहां के मंदिर देखने का बहुत मन है 03:25 Opens in a new window। जब उससे पूछा जाता है कि क्या वह किसी भारतीय से शादी का प्रस्ताव स्वीकार करेगी, तो वह कहती है कि अगर लड़का उसकी प्राथमिकताओं और समझ के अनुकूल है, तो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह भारत से है या कहीं और से 03:54 Opens in a new window। उत्तर प्रदेश और कानून व्यवस्था पर चर्चा: वीडियो के दूसरे और बड़े हिस्से में गेस्ट (जैसे नाजिया इलाही खान) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वहां की कानून व्यवस्था की जमकर तारीफ करती हैं 05:10 Opens in a new window। वे बताती हैं कि कैसे यूपी में महिलाएं (विशेषकर मुस्लिम महिलाएं) अब खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं और देर रात भी बिना किसी डर के काम कर सकती हैं 04:42 Opens in a new window, 07:45 Opens in a new window। निष्कर्ष: वीडियो का शीर्षक मुख्य रूप से दर्शकों का ध्यान खींचने (Clickbait) के लिए रखा गया है, जबकि वीडियो के अंदर भारत-पाकिस्तान के रिश्तों, महिलाओं की सुरक्षा, यूपी की राजनीति और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई मुद्दों पर मिली-जुली चर्चा की गई है।
यह वीडियो महाराष्ट्र की पारंपरिक मराठी कोली हल्दी सेरेमनी (Marathi Koli Haldi Ceremony) का एक बेहद खूबसूरत और दिल छू लेने वाला नजारा दिखाता है। इस जश्न में इटली से आए एक विदेशी कपल (फेडरिको और उनकी पार्टनर) को खास तौर पर आमंत्रित किया गया था 00:00 Opens in a new window, 02:13 Opens in a new window। भारतीय और मराठी संस्कृति को करीब से देखकर ये विदेशी मेहमान काफी भावुक (Emotional) हो गए। वीडियो के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं: पारंपरिक पहनावा: इटली से आई महिला मेहमान ने पहली बार भारतीय साड़ी पहनी, माथे पर बिंदी लगाई और बेहद उत्सुकता के साथ हल्दी की रस्म में हिस्सा लिया 01:54 Opens in a new window, 02:21 Opens in a new window। कोली गीतों पर डांस: दोनों विदेशी मेहमानों ने पारंपरिक मराठी कोली गीतों की धुन पर स्थानीय लोगों के साथ जमकर डांस किया और वहां की कमाल की एनर्जी का आनंद लिया 03:06 Opens in a new window। भारतीय खान-पान का लुत्फ: उन्होंने शादी के पारंपरिक खाने का स्वाद चखा। जब उन्होंने मीठे के बारे में पूछा, तो स्थानीय लोगों ने उन्हें 'घारी' (मराठी में भूरी/नीली आंखों को घारे डोले कहा जाता है) शब्द का मजेदार संदर्भ समझाया 02:44 Opens in a new window। अतिथि देवो भव का अहसास: विदेशी मेहमानों ने कहा कि वे यहां आकर बेहद खुश और भावुक हैं 03:13 Opens in a new window। वे इस बात से हैरान थे कि एक ही शादी में 600 से ज्यादा रिश्तेदार और पूरा गांव एक परिवार की तरह मिलकर जश्न मनाता है 01:32 Opens in a new window, 03:29 Opens in a new window। इस अनोखे अनुभव को आप इस यूट्यूब वीडियो पर देख सकते हैं, जो दिखाता है कि कैसे भारतीय संस्कृति और "अतिथि देवो भव" की भावना सात समंदर पार से आए लोगों का दिल जीत लेती है
इस यूट्यूब वीडियो के थंबनेल और शीर्षक (Title) में जो दावा किया गया है, वीडियो के अंदर की बातचीत उससे बिल्कुल अलग है। वीडियो में इस तरह की कोई बात या कारण नहीं बताया गया है। यह वीडियो दरअसल पाकिस्तान का एक पब्लिक इंटरव्यू (गपशप) है, जिसमें एक पाकिस्तानी लड़की (जिसका नाम मरियम है) अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में बात कर रही है। वीडियो के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: शादी और खुशहाल जिंदगी: मरियम बताती हैं कि उनकी शादी को 5 साल हो चुके हैं और यह एक अरेंज मैरिज थी 01:00 Opens in a new window। वह अपनी शादीशुदा जिंदगी से बेहद खुश हैं। पति से मोहब्बत: वह अपने पति की तारीफ करते हुए कहती हैं कि उनके पति उनका बहुत ख्याल रखते हैं और जब वह नाराज होती हैं, तो वह उनकी नकलें उतारकर उन्हें हंसा देते हैं 03:04 Opens in a new window। लड़के और लड़कियों के स्वभाव पर चर्चा: वीडियो के दूसरे हिस्से में वे इस बात पर चर्चा करती हैं कि लड़के और लड़कियों में से कौन ज्यादा बेवफा होता है और रिश्ते की शुरुआत और अंत में दोनों का व्यवहार कैसा रहता है 03:39 Opens in a new window। निष्कर्ष: वीडियो के शीर्षक में लिखा गया दावा सिर्फ एक क्लिकबेट (Clickbait) है ताकि लोग वीडियो को ज्यादा से ज्यादा देखें। वीडियो के अंदर ऐसी किसी प्रथा या शादी के कारणों का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) के बीच भारी तनाव देखने को मिला है। यह पूरी घटना मेघालय के साउथ वेस्ट गारो हिल्स जिले में महेंद्रगंज के पास नांदीर चार सेक्टर की बताई जा रही है 00:50 Opens in a new window। इस विवाद और बवाल की मुख्य वजहें इस प्रकार हैं: घुसपैठिए को वापस भेजने पर विवाद: BSF ने एक बांग्लादेशी घुसपैठिए को गैरकानूनी तरीके से भारतीय क्षेत्र में घुसने के आरोप में हिरासत में लिया था 01:47 Opens in a new window। पूछताछ में उसने खुद को बांग्लादेशी नागरिक स्वीकार किया, जिसके बाद तय प्रक्रिया के तहत BSF ने उसे वापस भेजा 01:54 Opens in a new window। BGB का कस्टडी लेने से इनकार: जैसे ही उस व्यक्ति को बांग्लादेश की तरफ भेजा गया, BGB के गार्ड्स ने उसे स्वीकार करने से मना कर दिया और रोक लिया 02:08 Opens in a new window। फेंसिंग के बीच फंसा व्यक्ति: बांग्लादेशी अधिकारियों और वहां के स्थानीय लोगों ने उसे अपनी कस्टडी में लेने से साफ इनकार कर दिया, जिसके कारण वह व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय फेंसिंग (बाड़) के बीच में ही फंस गया 02:26 Opens in a new window। स्थानीय लोगों का बवाल: इस दौरान बांग्लादेश की तरफ से भारी संख्या में स्थानीय लोग सीमा के पास जमा हो गए और विरोध करने लगे, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण और गरमा-गरमी वाला हो गया 02:08 Opens in a new window। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दोनों देशों के सुरक्षाबलों और सैकड़ों लोगों के बीच तीखी बहस और हलचल साफ देखी जा सकती है 00:25 Opens in a new window। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं
जब भी दुनिया की सबसे मजबूत या शक्तिशाली करेंसी की बात आती है, तो आमतौर पर लोग अमेरिकी डॉलर (USD) के बारे में सोचते हैं। लेकिन Dainik Jagran - दैनिक जागरण की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी डॉलर दुनिया की टॉप-5 करेंसी की लिस्ट में भी शामिल नहीं है 01:02 Opens in a new window ।पूरी दुनिया में तेल और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार के दम पर खाड़ी (मुस्लिम) देशों की मुद्राओं का दबदबा है 00:23 Opens in a new window । हाल ही में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 94.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है 00:15 Opens in a new window ।दुनिया की टॉप 10 सबसे मजबूत मुद्राओं (Currencies) की सूची इस प्रकार है:दुनिया की 10 सबसे मजबूत करेंसी की लिस्ट 🌍रैंककरेंसी (देश)अमेरिकी डॉलर में वैल्यूभारतीय रुपये (INR) में वैल्यू1कुवैती दीनार (कुवैत) 🇰🇼$3.23 01:26 Opens in a new window ₹308.74 01:35 Opens in a new window 2बहरीनी दीनार (बहरीन) 🇧🇭$2.65 01:44 Opens in a new window ₹253.01 01:44 Opens in a new window 3ओमानी रियाल (ओमान) 🇴🇲$2.60 01:53 Opens in a new window ₹248.16 01:53 Opens in a new window 4जॉर्डनियन दीनार (जॉर्डन) 🇯🇴$1.41 02:05 Opens in a new window ₹134.58 02:05 Opens in a new window 5ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग (यूके) 🇬🇧$1.34 02:15 Opens in a new window ₹127.14 02:15 Opens in a new window 6कैमन आइलैंड्स डॉलर (KYD) 🇰🇾$1.20 02:25 Opens in a new window ₹114.47 02:25 Opens in a new window 7स्विस फ्रैंक (स्विट्जरलैंड) 🇨🇭$1.11 02:30 Opens in a new window ₹120.01 02:30 Opens in a new window 8यूरो (यूरोपीय संघ) 🇪🇺$1.04 02:40 Opens in a new window ₹110.00 02:40 Opens in a new window 9अमेरिकी डॉलर (USA) 🇺🇸$1.00 02:49 Opens in a new window ₹94.95 02:49 Opens in a new window 10बहामियन डॉलर (बहामास) 🇧🇸$1.00 02:49 Opens in a new window ₹94.95 02:49 Opens in a new window इन देशों की करेंसी इतनी मजबूत क्यों है? 🤔रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी देशों की करेंसी के नंबर वन होने के मुख्य रूप से 4 कारण हैं:तेल और प्राकृतिक गैस का निर्यात: कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देशों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तेल निर्यात पर टिकी है। वैश्विक बाजार में तेल का कारोबार डॉलर में होता है, जिससे इन देशों के पास भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा (डॉलर) आती है 03:08 Opens in a new window ।फिक्स्ड एक्सचेंज रेट (Fixed Peg): इन देशों ने अपनी करेंसी को अमेरिकी डॉलर के साथ एक फिक्स्ड रेट पर बांध रखा है (फिक्स्ड पैग)। इसका फायदा यह होता है कि जब भी अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो ये करेंसी भी अपने आप मजबूत और स्थिर बनी रहती हैं 03:50 Opens in a new window ।कम जनसंख्या और विशाल संसाधन: भारत या चीन की तुलना में इन देशों की जनसंख्या बेहद कम है। सरकार को प्रति व्यक्ति अधिक संसाधन नहीं बांटने पड़ते, जिससे करेंसी की सप्लाई को कंट्रोल करना और देश के पास एक बड़ा सोवरन वेल्थ फंड (Sovereign Wealth Fund) बनाए रखना आसान होता है 04:20 Opens in a new window ।सख्त मौद्रिक नीति: जॉर्डन जैसे देश के पास कुवैत जितना तेल भंडार नहीं है, फिर भी उसने 1995 से डॉलर के साथ फिक्स्ड पैग और सख्त मौद्रिक अनुशासन के दम पर अपनी करेंसी को टॉप-5 में बनाए रखा है
भारतीय राजनीति में 10 जून 2026 का दिन एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है। India TV की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का दशकों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं: 1. नया राजनीतिक रिकॉर्ड सबसे लंबा निर्वाचित कार्यकाल: पीएम मोदी अब भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री (Elected PM) बन गए हैं 00:12 Opens in a new window। 4399 दिनों का सफर: प्रधानमंत्री मोदी के नाम लगातार 4,399 दिनों तक इस पद पर रहने का रिकॉर्ड दर्ज हुआ है 00:25 Opens in a new window। नेहरू जी का रिकॉर्ड पीछे छूटा: इससे पहले यह रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जिन्होंने मई 1952 (पहले आम चुनाव के बाद) से 27 मई 1964 तक लगातार 4,398 दिनों तक निर्वाचित पीएम के रूप में देश की सेवा की थी 00:33 Opens in a new window। 2. कार्यकाल की तुलना और महत्व जवाहरलाल नेहरू 1947 से 1952 तक अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में भी पीएम रहे थे, लेकिन देश के पहले आम चुनाव के बाद निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल मई 1952 से गिना जाता है 00:48 Opens in a new window। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पीएम मोदी का यह रिकॉर्ड इसलिए बेहद खास है क्योंकि यह लगातार और पूर्ण रूप से निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड है 01:00 Opens in a new window। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कुल कार्यकाल लगभग 14 साल का था, लेकिन वह लगातार (Continuous) नहीं था 01:13 Opens in a new window। 3. NDA सरकार के 12 साल और भव्य बैठक केंद्र में मोदी सरकार के सफल 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली के भारत मंडपम में दोपहर 3:00 बजे एनडीए (NDA) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है 01:20 Opens in a new window। इस बैठक में: बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एनडीए के सहयोगी दलों के प्रमुख शामिल होकर भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे 01:24 Opens in a new window। प्रधानमंत्री मोदी एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक करेंगे, जिसके बाद उनके सम्मान में एक डिनर (Dinner) का आयोजन किया जाएगा
इज़राइल एक 'बड़े' शहर में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति लगाएगा नई दिल्ली और तेल अवीव के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों के बीच, इज़राइल ने अपने देश में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति लगाने की योजना की घोषणा की है। यह घोषणा मुंबई में इज़राइल के कॉन्सल जनरल यानीव रेवाच ने की। इज़राइल इस यहूदी देश में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति लगाने की तैयारी कर रहा है और इसके ज़रिए भारत और यहूदियों के बीच के उस ऐतिहासिक संबंध को उजागर कर रहा है जिस पर अब तक ज़्यादा ध्यान नहीं दिया गया था। यह कहानी महाराष्ट्र के गांवों से लेकर उन सेनाओं और नौसेनाओं तक फैली है जिन्होंने भारत के इतिहास को आकार देने में मदद की। Israel To Install Chhatrapati Shivaji Maharaj's Statue In A 'Big' City Israel has announced plans to install a statue of Chhatrapati Shivaji Maharaj in the country amid growing cultural ties between New Delhi and Tel Aviv. The announcement was made by Israel's Consul General in Mumbai, Yaniv Revach. Israel is preparing to erect a statue of Chhatrapati Shivaji Maharaj in the Jewish country, and bringing to spotlight an overlooked historical connection between Jews and India. The story stretches from the villages of Maharashtra to the armies and navies that helped shape India's history.
तक जगत (Tech Industry) से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो सालों से दुनिया भर में मची आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की धूम अब फीकी पड़ती दिखाई दे रही है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, उबर और ओपनएआई जैसी जिन बड़ी कंपनियों ने एआई को अपनाने के नाम पर लाखों कर्मचारियों की छंटनी कर दी थी, वे अब खुद एक बड़े संकट में फंसती नजर आ रही हैं। 00:01 Opens in a new window Jagran Josh की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: इंसानों से महंगा पड़ रहा है AI: रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि इंसानी लेबर (Human Labor) के मुकाबले एआई को मेंटेन करना कंपनियों के लिए बहुत ज्यादा खर्चीला और महंगा साबित हो रहा है। 00:27 Opens in a new window डॉट-कॉम बबल (Dot-Com Bubble) जैसा डर: जानकारों को एआई का यह दौर साल 1990 के डॉट-कॉम बबल जैसा नजर आ रहा है, जब इंटरनेट के नाम पर हजारों कंपनियां खुलीं, भारी निवेश हुआ और फिर अचानक पूरा मार्केट क्रैश हो गया था। 01:06 Opens in a new window अंधाधुंध बुनियादी ढांचागत खर्च: एआई कोई साधारण सॉफ्टवेयर नहीं है। इसके पीछे अरबों रुपयों के डेटा सेंटर, महंगे एनवीडिया (Nvidia) के जीपीयू चिप्स और भारी मात्रा में बिजली की खपत होती है, जिसके कारण कंपनियों का बजट बिगड़ रहा है। 01:41 Opens in a new window कंपनियों के बिगड़े बजट: * Microsoft जैसी दिग्गज कंपनी ने क्लाउड एआई के कई लाइसेंस सिर्फ इसलिए कैंसिल कर दिए क्योंकि वे बेहद महंगे पड़ रहे थे। 02:02 Opens in a new window मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बड़ी कंपनी का एआई बिल कुछ ही महीनों में 500 मिलियन डॉलर (करीब ₹4200 करोड़) के पार चला गया। 02:11 Opens in a new window Uber का एआई सब्सक्रिप्शन बजट भी तय समय से बहुत पहले ही खत्म हो गया। 02:18 Opens in a new window छात्रों और युवाओं के लिए राहत की खबर: पिछले दो सालों से कोडिंग, कंटेंट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और डेटा एंट्री जैसे क्षेत्रों के छात्रों व युवाओं में अपनी नौकरी जाने का जो खौफ था, वह अब काफी हद तक कम हो सकता है। 02:30 Opens in a new window टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंसानों की क्रिएटिविटी, क्रिटिकल थिंकिंग और ग्राउंड वर्क आज भी एआई से कई गुना बेहतर और किफायती है। 02:51 Opens in a new window निष्कर्ष: एआई पूरी तरह खत्म नहीं होगा, लेकिन केवल एआई के भरोसे बिजनेस चलाने और नौकरियों को पूरी तरह खत्म करने के जिस डर का माहौल बनाया गया था, उस अंधाधुंध रफ्तार पर अब ब्रेक लग गया है।
भारत और नेपाल के बीच रिश्तों को एक बार फिर मजबूत और गर्मजोशी भरा बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर कनाल के भारत दौरे के दौरान रेल कनेक्टिविटी और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए हैं। 00:07 Opens in a new window Bharat Tak की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले की मुख्य बातें इस प्रकार हैं: 1. नेपाल से अयोध्या तक चलेगी ट्रेन नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर कनाल ने बताया कि दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई एंट्री पॉइंट्स पर चर्चा हुई है। 00:36 Opens in a new window ट्रेन के जरिए दो एंट्री पॉइंट्स का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें से एक जनकपुर में है। 00:42 Opens in a new window उन्होंने उम्मीद जताई है कि बहुत जल्द जनकपुर से अयोध्या के बीच रेल कनेक्टिविटी शुरू हो जाएगी। इसका तकनीकी काम पूरा हो चुका है और अब इसे केवल ऑपरेशनल (शुरू) करना बाकी है। 00:49 Opens in a new window 2. पीएम/नेताओं के भारत दौरे पर क्या कहा? जब विदेश मंत्री से पूछा गया कि नेपाल के प्रधानमंत्री का भारत दौरा कब होगा, तो उन्होंने कहा कि यह उनका पहला आधिकारिक और उच्च स्तरीय दौरा है। 01:05 Opens in a new window उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरे के बाद अब दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर (Highest Level) के नेताओं के दौरों की शुरुआत होगी और यह दोनों देशों के बीच नियमित रूप से देखने को मिलेगा। 01:11 Opens in a new window 3. कई अहम प्रोजेक्ट्स और समझौतों (MoUs) पर मुहर नेपाल के विदेश मंत्री के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच तकनीकी और सांस्कृतिक स्तर पर कई बड़े कदम उठाए गए: 01:25 Opens in a new window प्रोजेक्ट्स का हैंडओवर: भारत ने साल 2015 के भूकंप के बाद पुनर्निर्माण कार्यक्रम के तहत नेपाल को वर्चुअली 72 हेल्थ फैसिलिटी सेंटर और 12 कल्चरल हेरिटेज प्रोजेक्ट्स सौंपे हैं। 01:38 Opens in a new window डिजिटल पेमेंट (UPI): दोनों देशों ने संयुक्त रूप से नेपाल में UPI (NPCI) को लॉन्च किया, जो भारत और नेपाल के पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ेगा। 01:50 Opens in a new window डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत के 'डिजिटल इंडिया भाषणी' और काठमांडू यूनिवर्सिटी के बीच नेपाल में नेशनल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए एक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 01:59 Opens in a new window नेपाल के विदेश मंत्री का यह बयान कि "जो भी विवाद हैं, उन्हें बैठकर सुलझा लिया जाएगा", यह साफ संकेत देता है कि पिछले कुछ समय से भारत-नेपाल रिश्तों में आई खटास को दूर कर दोनों देश अब आगे बढ़ना चाहते हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसने अरब सागर के कई हिस्सों सहित महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के नए इलाकों को कवर कर लिया है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbiance) भी सक्रिय हो रहा है, जिससे उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। 00:06 Opens in a new window, 00:34 Opens in a new window News18 MP Chhattisgarh की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का हाल कुछ इस प्रकार रहेगा: 1. दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत (भारी से बहुत भारी बारिश) केरल और कर्नाटक: यहां मानसून पूरी तरह एक्टिव हो चुका है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक में 11 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। 02:03 Opens in a new window आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु: 12 जून तक गरज-चमक के साथ बारिश होगी और 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 02:15 Opens in a new window पूर्वोत्तर राज्य (नॉर्थ-ईस्ट): असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 7 दिनों तक (14 जून तक) लगातार भारी बारिश का अनुमान है। 02:28 Opens in a new window 2. उत्तर और पश्चिम भारत (आंधी, बारिश और ओलावृष्टि) राजस्थान: 11 और 12 जून को तेज धूल भरी आंधी चलने की आशंका है, जहां हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी/घंटा हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में विशेष अलर्ट है और कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं। 00:49 Opens in a new window दिल्ली, पंजाब और हरियाणा: इन राज्यों में 11 से 14 जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 01:08 Opens in a new window जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड: पहाड़ी राज्यों में 11 और 12 जून को गरज-चमक के साथ बारिश होगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी। 01:50 Opens in a new window 3. मध्य और पूर्वी भारत (झमाझम बारिश और तूफान) मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: 9 से 14 जून के बीच कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। 01:26 Opens in a new window उत्तर प्रदेश: 10 से 14 जून के बीच बारिश शुरू होने की उम्मीद है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 जून को तेज आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है। 01:20 Opens in a new window बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल: बिहार में 10 से 12 जून के बीच भारी बारिश हो सकती है। वहीं झारखंड और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 12 जून तक आंधी-तूफान का खतरा बना रहेगा। 01:31 Opens in a new window, 01:41 Opens in a new window ओडिशा: यहाँ 11 और 12 जून को जोरदार बारिश होने का अनुमान है। 01:36 Opens in a new window मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में खराब मौसम, आंधी और भारी बारिश को देखते हुए लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश के शामली से धर्मांतरण का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मुस्लिम युवती द्वारा हिंदू युवक को अपने जाल में फंसाकर उसका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा है। 00:11 Opens in a new window इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: जिम में हुई मुलाकात: शामली के एक बड़े दवा कारोबारी देवराज मलिक का इकलौता बेटा आयुष मलिक, करीब 5 साल पहले 'कुरैशी प्लस जिम' में गया था। वहां उसकी मुलाकात चांदनी कुरैशी नाम की महिला जिम ट्रेनर से हुई। 02:10 Opens in a new window, 03:14 Opens in a new window लव ट्रैप और निकाह: आरोप है कि 25 वर्षीय चांदनी कुरैशी ने पहले आयुष को अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर करीब 4 साल पहले चोरी-छिपे उससे निकाह कर लिया। इसके बाद दबाव बनाकर आयुष का धर्मांतरण कराया गया और उसका नाम बदलकर रहमान रख दिया गया। 01:24 Opens in a new window, 03:28 Opens in a new window पाकिस्तानी मौलाना और ब्रेनवाश का कनेक्शन: पुलिस जांच और परिजनों के मुताबिक, आयुष का धर्मांतरण कराने के लिए उसका पूरी तरह ब्रेनवाश किया गया था। इसके लिए उसे पाकिस्तान के मौलानाओं के वीडियो दिखाए जाते थे और इस साजिश में एक पाकिस्तानी मौलाना की मदद लेने की बात भी सामने आई है। 01:56 Opens in a new window, 03:42 Opens in a new window प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश: आयुष के पिता का आरोप है कि चांदनी और उसके परिवार की नजर उनके इकलौते बेटे की करोड़ों की संपत्ति और कारोबार पर थी। इसी वजह से उसे परिवार और माता-पिता से पूरी तरह अलग कर दिया गया। 01:37 Opens in a new window, 02:18 Opens in a new window पुलिस की कार्रवाई: इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में दो मौलानाओं सहित 8 अन्य लोग भी नामजद हैं। पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस की एसआईटी (SIT) मामले की गहन जांच कर रही है। 02:47 Opens in a new window इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट आप Zee News की इस वीडियो पर देख सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुजरात के हजीरा में L&T (लार्सन एंड टुब्रो) के मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स दौरे की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है, जिसमें वे एक विशालकाय स्वदेशी न्यूक्लियर स्टीम जनरेटर के सामने खड़े नजर आ रहे हैं। 00:12 Opens in a new window इस स्वदेशी न्यूक्लियर स्टीम जनरेटर और पीएम मोदी के इस दौरे से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं: 700 मेगावाट की क्षमता: भारत की दिग्गज कंपनी L&T ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल करके 700 मेगावाट (MW) क्षमता वाले इस न्यूक्लियर स्टीम जनरेटर का निर्माण किया है। 00:48 Opens in a new window क्या काम करता है यह जनरेटर? यह एक बेहद जटिल और विशाल 'हीट एक्सचेंजर' (Heat Exchanger) होता है। यह परमाणु रिएक्टर (Nuclear Reactor) से निकलने वाली भयंकर गर्मी को पानी तक पहुंचाता है, जिससे पानी हाई-प्रेशर भाप (Steam) में बदल जाता है। यही भाप बड़े-बड़े टरबाइनों को घुमाकर बिजली पैदा करती है। 01:02 Opens in a new window भविष्य के न्यूक्लियर प्लांट्स की रीढ़: इस स्टीम जनरेटर को खास तौर पर भारत के स्वदेशी 700 MW प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर (PHWR) के लिए डिजाइन किया गया है। आने वाले समय में यही रिएक्टर भारत के परमाणु ऊर्जा विस्तार की मुख्य रीढ़ बनने वाले हैं। 01:20 Opens in a new window विदेशी निर्भरता का खात्मा: अब तक भारत को न्यूक्लियर ग्रेड मैन्युफैक्चरिंग और हैवी फोर्जिंग जैसे हाई-एंड उपकरणों के लिए काफी हद तक विदेशी तकनीक और ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस निर्माण के बाद भारत अब इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो गया है। 01:52 Opens in a new window पीएम मोदी का इस प्लांट में पहुंचना और इस विशालकाय मशीनरी का मुआयना करना केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की बढ़ती ताकत का एक बड़ा प्रतीक है। 02:22 Opens in a new window अधिक जानकारी के लिए आप Bharat Tak की यह वीडियो रिपोर्ट देख सकते हैं।
भारत और बांग्लादेश सीमा पर जारी तनाव और घुसपैठ के विवादों के बीच, दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक शुरू हो गई है। 00:04 Opens in a new window इस बैठक से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: बीजीबी चीफ का भारत दौरा: बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफ उजुमान सिद्दीकी अपने 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचे हैं। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खुद बीएसएफ (BSF) के महानिदेशक प्रवीण कुमार ने उनका स्वागत किया। 00:15 Opens in a new window 97वीं डीजी लेवल कॉन्फ्रेंस: दिल्ली में 8 जून से 11 जून तक चलने वाली यह 97वीं डीजी लेवल बॉर्डर कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस है। इसमें दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियां (BSF और BGB) आमने-सामने बैठकर चर्चा कर रही हैं। 00:41 Opens in a new window मुख्य एजेंडा और मुद्दे: * भारत का पक्ष: बीएसएफ द्वारा सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ, मवेशी तस्करी, फेंसिंग (बाड़ लगाने) में आने वाली बाधाएं और भारतीय जवानों पर होने वाले हमलों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। 00:55 Opens in a new window सबसे बड़ा मुद्दा (अवैध नागरिकों की वापसी): भारत लगातार उन अवैध प्रवासियों को वापस भेज रहा है जिनकी पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई है। हालांकि, कई बार बीजीबी उन्हें वापस लेने से मना कर देती है, जिससे सीमा पर गतिरोध पैदा हो जाता है (जैसे हाल ही में पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर 17 बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर हुआ था)। 01:02 Opens in a new window बांग्लादेश का पक्ष: बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहाउद्दीन अहमद के संकेतों के अनुसार, बीजीबी इस बैठक में कथित 'पुश-इन' (भारत द्वारा वापस भेजे जाने) और सीमा से जुड़े अन्य विवादित मुद्दों को उठाएगी। 01:43 Opens in a new window बॉर्डर पर सख्ती: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद से बीएसएफ बॉर्डर पर फेंसिंग के काम को तेजी से आगे बढ़ा रही है और घुसपैठियों पर लगातार एक्शन लिया जा रहा है, जिससे बांग्लादेश की तरफ से कई बार सवाल भी उठाए गए हैं। 01:54 Opens in a new window यह चार दिवसीय कॉन्फ्रेंस दोनों देशों के बीच सीमा पर बने तनाव को कम करने और बातचीत के जरिए ठोस समाधान निकालने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आखिर 5 दिन में ऐसा क्या हुआ जो BAN करने वाली Federation आयी Ranveer की Support में ?बॉलीवुड गलियारों में पिछले 5 दिनों से चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार शांत हो गया है। जिस फेडरेशन (FWICE) ने बड़ी-बड़ी बातें करके सुपरस्टार रणवीर सिंह पर 'नॉन-कॉपरेशन डायरेक्टिव' यानी बैन लगाया था, उसने महज 5 दिन के भीतर घुटने टेक दिए और अब रणवीर के सपोर्ट में खड़ी हो गई है 00:25 Opens in a new window। आखिर इन 5 दिनों में ऐसा क्या खेल हुआ, आइए इसकी पूरी कहानी (Story) समझते हैं: 🎭 कहानी: जब 'पावर गेम' पर भारी पड़ा कानूनी दांव एक्ट 1: वो कड़कती प्रेस कॉन्फ्रेंस और 'बैन' का ऐलान Bollywood Thikana के वीडियो के अनुसार, कहानी की शुरुआत तब हुई जब फेडरेशन ने एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। उन्होंने कहा, "रणवीर सिंह सुपरस्टार हैं, इसका मतलब यह नहीं कि वह कानून और नियम से बड़े हैं। आज से हमारा कोई भी वर्कर उनके साथ काम नहीं करेगा" 00:25 Opens in a new window। फिल्म 'डॉन 3' (Don 3) के विवाद को लेकर हुए इस एक्शन के पीछे इंडस्ट्री की गुटबाजी (Groupism) की बातें सामने आईं। आरोप लगे कि फेडरेशन, फरहान अख्तर और जावेद अख्तर के बेहद करीबी होने के कारण रणवीर सिंह पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था 02:04 Opens in a new window। एक्ट 2: रणवीर सिंह का 'साइलेंट' मास्टरस्ट्रोक आमतौर पर जब किसी एक्टर पर बैन लगता है, तो वह सोशल मीडिया पर बयानबाजी करता है या माफी मांगता है। लेकिन रणवीर सिंह ने एक अलग ही रास्ता चुना—'खामोशी और कानूनी चाबुक' 02:15 Opens in a new window। रणवीर उस वक्त बुडापेस्ट में ट्रैवल कर रहे थे और मजे से छुट्टियां मना रहे थे, क्योंकि उनका कोई शूट शेड्यूल ही नहीं था 04:38 Opens in a new window। उन्होंने बिना कोई बयान दिए सीधे फेडरेशन को एक कड़ा लीगल नोटिस (Legal Notice) थमा दिया 02:15 Opens in a new window। नोटिस में सीधे पूछा गया: "आपके पास किसी भी फिल्म का काम अटकाने या लोगों को काम करने से रोकने की क्या लीगल अथॉरिटी है?" 02:21 Opens in a new window एक्ट 3: फेडरेशन का डर और बैकफुट पर आना रणवीर के इस एक लीगल नोटिस ने 5 लाख वर्कर्स की दुहाई देने वाली फेडरेशन के पैरों तले जमीन खिसका दी। फेडरेशन को अच्छी तरह समझ आ गया कि: कानूनन उनके पास किसी को बैन करने का कोई अधिकार नहीं है 01:32 Opens in a new window। कोर्ट में मामला जाने पर उनकी बड़ी किरकिरी होगी। बैन लगाने से उनके अपने ही दैनिक वेतन भोगी वर्कर्स का नुकसान हो रहा था, जो काम और पैसों के लिए तरस रहे थे 01:37 Opens in a new window। एक्ट 4: यू-टर्न और 'रणवीर भाई हमारे देश के सुपरस्टार हैं!' महज 5 दिन बीते थे कि फेडरेशन ने दोबारा प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। लेकिन इस बार सुर पूरी तरह बदले हुए थे 00:40 Opens in a new window। उन्होंने कहा, "हम रणवीर सिंह की बहुत इज्जत करते हैं, वह हमारे देश के सुपरस्टार हैं। हम तो उनकी सक्सेस को सेलिब्रेट करते हैं और उन पर से यह बैन तुरंत वापस लेते हैं" 00:46 Opens in a new window। फेडरेशन ने कहा कि प्रोड्यूसर्स गिल्ड और सिंटा (CINTAA) की गुजारिश पर उन्होंने रास्ता निकालने के लिए अपना फैसला वापस लिया है 02:48 Opens in a new window। 🎬 कहानी का क्लाइमेक्स (किसे क्या मिला?) रणवीर सिंह (विजेता): रणवीर का बाल भी बांका नहीं हुआ। 5 दिन का बैन तब लगा जब वो वैसे भी शूट नहीं कर रहे थे। अब उनका रास्ता पूरी तरह साफ है 03:43 Opens in a new window। फेडरेशन (किरकिरी): फेडरेशन का जो थोड़ा-बहुत ट्रस्ट मार्केट में था, वो इस यू-टर्न से हिल गया। लोगों को लगा कि सिर्फ फुटेज खाने और प्रेशर बनाने के लिए यह सब किया गया था 01:53 Opens in a new window। फरहान अख्तर (फंसे): फेडरेशन के कंधे पर बंदूक रखकर रणवीर को झुकाने की फरहान की कोशिश नाकाम रही। अब अगर उन्हें कोई बात करनी है, तो सीधे कानूनी तौर पर ही करनी होगी 03:43 Opens in a new window। इस तरह, बॉलीवुड के इस हाई-एंड ड्रामे में जीत आखिरकार सही कानूनी दांव और खामोशी की हुई।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में दुनिया की प्रमुख समाचार एजेंसियों के साथ बातचीत के दौरान अमेरिका और पश्चिमी देशों को एक कड़ा और साफ संदेश दिया है पुतिन ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ करते हुए अमेरिका की दबाव बनाने की राजनीति पर करारा प्रहार किया है Bharat Tak के इस वीडियो के अनुसार, पुतिन के इस बड़े बयान की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं: 1. "पीएम मोदी पर दबाव बनाना नामुमकिन" पुतिन ने सीधे तौर पर कहा कि अमेरिका और कुछ पश्चिमी देश कुछ क्षेत्रों (जैसे रूस से तेल या व्यापार न करने) में भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "नरेंद्र मोदी पर दबाव डालना—जो दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश का नेतृत्व करते हैं—अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए हानिकारक (Detrimental) है और अब हर कोई यह समझ चुका है कि उन पर दबाव नहीं बनाया जा सकता"। पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी हमेशा भारत के राष्ट्रीय हितों (National Interests) को सबसे ऊपर रखते हैं और किसी के आगे नहीं झुकते 2. भारत-रूस दोस्ती पर कोई असर नहीं पुतिन ने स्पष्ट किया कि भारत एक महान देश है, जिसकी 1.5 अरब की आबादी है और यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है उन्होंने कहा कि भारत के अमेरिका या किसी भी अन्य देश के साथ बढ़ते नजदीकी संबंधों से रूस को कोई समस्या नहीं है । भारत और रूस की रणनीतिक दोस्ती इतनी गहरी है कि यह कभी नहीं टूट सकती 3. $100 अरब के व्यापार का लक्ष्य आर्थिक और व्यापारिक मोर्चे पर पुतिन ने एक बड़ा दावा करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर ($100 Billion) के आंकड़े तक पहुंच सकता है यह दर्शाता है कि दोनों देश न केवल रक्षा (Defense) बल्कि ऊर्जा (Energy) और व्यापार के क्षेत्र में भी अपने रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं पुतिन का यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह साबित करता है कि रूस भारत की 'स्वतंत्र विदेश नीति' का पूरी तरह सम्मान करता है और भारत अपने फैसले खुद लेता है, किसी महाशक्ति के दबाव में आकर नहीं
पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले और गोलीबारी के मामले में अब एक बहुत बड़ा मोड़ आ गया है 00:12 Opens in a new window। अस्पताल में भर्ती खान सर के घायल नाइट गार्ड (चिंतन कुमार उर्फ चुनचुन) ने कैमरे के सामने आकर पूरी घटना की सच्चाई बताई है और कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह पूरा खेल पलटता हुआ नजर आ रहा है 00:15 Opens in a new window。 Bihar Tak की इस रिपोर्ट के मुताबिक, गार्ड के बयान और इस मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: 1. ज्ञान बिंदु एकेडमी के रोशन सर के भाई और स्टाफ पर आरोप हमलावरों की पहचान: घायल गार्ड चिंतन कुमार ने बताया कि जब वह कोल्ड ड्रिंक पीकर कोचिंग के अंदर जा रहा था, तभी 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' के शिक्षक रोशन आनंद सर के स्टाफ विकास कुमार, अभिषेक और रोशन सर के भाई प्रिंस ने उसे पकड़ लिया 01:03 Opens in a new window। जानलेवा हमला: गार्ड का आरोप है कि उन लोगों ने लोहे की रॉड से उस पर ताबड़तोड़ हमला किया और उसका सिर फोड़ दिया, जिससे वह पूरी तरह खून से लथपथ हो गया 01:26 Opens in a new window। गार्ड के मुताबिक, हमलावरों को उसे जान से मारने का ऑर्डर मिला था 02:28 Opens in a new window। कॉल आने के बाद शुरू हुई मारपीट: गार्ड ने दावा किया कि हमलावरों के पास रोशन सर का फोन आया था, और फोन पर बात करने के तुरंत बाद ही उन्होंने मारपीट करना शुरू कर दिया 01:49 Opens in a new window। 2. खान सर के कोचिंग को बम से उड़ाने की धमकी गार्ड चुनचुन ने एक बेहद गंभीर खुलासा करते हुए कहा कि मारपीट के दौरान हमलावरों ने उसे धमकी दी कि "तीन-चार दिन में खान सर के कोचिंग को बम से उड़ा देंगे" 01:43 Opens in a new window। घटना के समय खान सर अपने चेंबर में मौजूद थे। जब गार्ड बेहोश हो गया, तो खान सर के स्टाफ ने उसे उठाकर चेंबर में पहुंचाया, जिसके बाद खान सर ने उससे पूरी पूछताछ की 02:55 Opens in a new window। 3. कैसे पलटा पूरा खेल? (मामले का दूसरा पहलू) इस पूरे विवाद में एक और मोड़ तब आया जब रोशन आनंद सर के पक्ष की ओर से दलीलें सामने आईं और सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ 03:36 Opens in a new window: गार्ड्स द्वारा फायरिंग: वीडियो में खान सर के सुरक्षाकर्मी (गार्ड्स) फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं 03:42 Opens in a new window। फायरिंग की बात कबूली: पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर खान सर के दो गार्ड्स ने मौके पर फायरिंग करने की बात को कबूल कर लिया है 03:48 Opens in a new window। पुलिसिया कार्रवाई: इस मामले में पुलिस ने 'ज्ञान बिंदु' के रोशन आनंद सर को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दूसरी ओर फायरिंग की बात सामने आने के बाद खान सर और उनके दोनों गार्ड्स से भी गहन पूछताछ की गई है 03:54 Opens in a new window। गार्ड्स द्वारा गोलीबारी की बात स्वीकारने के बाद अब यह कानूनी मामला खान सर के पक्ष के लिए भी पेचीदा और उल्टा पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है
भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया' (Make in India) प्रोग्राम के तहत भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है 00:00 Opens in a new window । भारत की दिग्गज कमर्शियल व्हीकल निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और दुबई के प्रीमियम ट्रांसपोर्ट मार्केट में अपना जबरदस्त दबदबा कायम किया है 00:25 Opens in a new window ।Railgadh के इस वीडियो के अनुसार, इस मेगा डील और इसकी खासियतों की पूरी कहानी नीचे दी गई है:1. मेगा डील का आर्थिक गणित (₹525 करोड़ का ऑर्डर)कुल वाहन: अशोक लेलैंड ने यूएई के बड़े कॉर्पोरेट घरानों और नामी स्कूलों के लिए 1400 से ज्यादा हाई-टेक बसों की डिलीवरी पूरी की है 00:39 Opens in a new window ।एक बस की कीमत: प्रति बस की कीमत करीब 45,000 अमेरिकी डॉलर (भारतीय रुपए में लगभग ₹37 लाख) है 01:35 Opens in a new window ।कुल डील वैल्यू: इस हिसाब से इस पूरे ऑर्डर की कुल वैल्यू ₹525 करोड़ से भी ज्यादा बैठती है 01:41 Opens in a new window ।2. दुबई भेजी गई बसों की मुख्य सीरीजयह बसें अशोक लेलैंड के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित दो सबसे मशहूर प्लेटफॉर्म्स पर तैयार की गई हैं 01:47 Opens in a new window :फेल्कन (Falcon Series): यह अपनी मजबूती, बड़े केबिन स्पेस और भारी संख्या में यात्रियों को ले जाने की क्षमता के लिए जानी जाती है। खाड़ी देशों में इसकी मांग सबसे ज्यादा है 01:53 Opens in a new window 。ऑइस्टर (Oyster Series): यह अपने आधुनिक लुक, प्रीमियम फीचर्स और आरामदायक सफर के लिए जानी जाती है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से स्कूलों और स्टाफ कम्यूट के लिए किया जाता है 02:10 Opens in a new window ।3. खास यूएई के लिए तैयार की गई 'स्पेशल टेक्नोलॉजी'दुबई के कड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनों और वहां के मौसम को देखते हुए इन बसों में विशेष बदलाव किए गए हैं 00:51 Opens in a new window :लेफ्ट हैंड ड्राइव (LHD): भारत में गाड़ियां राइट हैंड ड्राइव होती हैं, लेकिन यूएई के यातायात नियमों के अनुसार इन सभी 1400 बसों को स्पेशल लेफ्ट हैंड ड्राइव कॉन्फ़िगरेशन के साथ बनाया गया है 02:23 Opens in a new window ।50°C तापमान झेलने की क्षमता: खाड़ी देशों के रेगिस्तानी इलाकों में गर्मी में तापमान $50^\circ\text{C}$ के पार चला जाता है। इसके लिए बसों में हाई कैपेसिटी कूलिंग एसी सिस्टम लगाया गया है, जो बाहर की भयंकर गर्मी के बावजूद कुछ ही सेकेंड्स में अंदर के तापमान को बेहद ठंडा कर देता है 02:48 Opens in a new window ।सख्त सुरक्षा मानक: इन बसों में गल्फ काउंसिल कॉर्पोरेशन (GCC) के कड़े सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है, जिसमें एंटी-ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), फायर प्रोटेक्शन सिस्टम और बच्चों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन जैसे फीचर्स शामिल हैं 02:32 Opens in a new window ।4. यूरोप को लगा बड़ा झटका (जियोपॉलिटिक्स)दुबई और यूएई के इस स्कूल व कॉर्पोरेट ट्रांसपोर्ट मार्केट पर लंबे समय से यूरोपीय कंपनियों का राज था 03:23 Opens in a new window । लेकिन अशोक लेलैंड ने अपनी बेहतरीन भारतीय क्वालिटी, एडवांस स्टैंडर्ड्स और कम कीमत (Competitive Pricing) के दम पर यूरोपीय कंपनियों को पूरी तरह रिप्लेस कर दिया है, जिससे यूरोपीय देशों के बाजारों में चिंता बढ़ गई है 03:28 Opens in a new window ।
यह शीर्षक पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal Government), बांग्लादेश सीमा (Bangladesh Border), और रेलवे कनेक्टिविटी से जुड़े किसी हालिया बड़े नीतिगत फैसले या राजनीतिक कदम की ओर इशारा करता है। भारत और बांग्लादेश के बीच पश्चिम बंगाल एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक राज्य है, और यहां सीमा सुरक्षा, व्यापार, तथा रेलवे लिंक को लेकर अक्सर बड़े निर्णय लिए जाते हैं। यदि आप इस विषय पर कोई ब्लॉग पोस्ट, न्यूज़ आर्टिकल या वीडियो स्क्रिप्ट तैयार कर रहे हैं, तो इसके मुख्य पहलू निम्नलिखित बिंदुओं पर आधारित हो सकते हैं: 1. नई रेलवे कनेक्टिविटी या इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार और यात्रियों की आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए कई रेलवे लिंक (जैसे गेडे-दर्शना, पेट्रापोल-बेनापोल, या हल्दीबाड़ी-चिलाहाटी) पर काम चल रहा है। राज्य सरकार का फैसला भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition), नए रेलवे ट्रैक के निर्माण की मंजूरी, या सीमा के पास लॉजिस्टिक्स हब बनाने से जुड़ा हो सकता है। 2. सीमा सुरक्षा और भूमि से जुड़े नियम बांग्लादेश सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था, फेंसिंग (बाड़ लगाने), या सीमा चौकियों (Border Outposts) के लिए जमीन आवंटित करने को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच अक्सर चर्चाएं होती हैं। राज्य सरकार का कोई नया फैसला इस प्रक्रिया को तेज करने या स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा से संबंधित हो सकता है। 3. सीमा पार व्यापार (Cross-Border Trade) में ढील या नए नियम पेट्रापोल (Petrapole) जैसे बड़े लैंड पोर्ट्स के जरिए दोनों देशों के बीच भारी व्यापार होता है। रेलवे के माध्यम से मालगाड़ियों (Freight Trains) की आवाजाही को आसान बनाने, कस्टम क्लियरेंस को तेज करने, या सीमाई जिलों में नए रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मंजूरी देने के संबंध में यह एक बड़ा कदम हो सकता है। 4. भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव (Geopolitical & Economic Impact) स्थानीय अर्थव्यवस्था: रेलवे और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में रोजगार और व्यापार के नए अवसर खुलते हैं। केंद्र-राज्य समन्वय: सीमा और अंतरराष्ट्रीय रेलवे जैसे मामले केंद्र और राज्य दोनों के सहयोग से चलते हैं, इसलिए राज्य सरकार का यह फैसला द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा दे सकता है।
यह शीर्षक भारत और वेनेजुएला के बीच हाल ही में कच्चे तेल (Crude Oil) को लेकर हुई बड़ी बातचीत या समझौते की तरफ इशारा कर रहा है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है, और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है। इस "जादुई डील" या खेल के पीछे के मुख्य कारण और समीकरण निम्नलिखित हैं: 1. सस्ते कच्चे तेल का विकल्प रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूस से भारी मात्रा में डिस्काउंटेड (सस्ता) तेल खरीदा था। अब भारत वेनेजुएला के साथ भी ऐसी ही डील करना चाहता है ताकि देश को कम कीमत पर क्रूड ऑयल मिल सके, जिससे घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें नियंत्रित रखी जा सकें। 2. अमेरिकी प्रतिबंधों (US Sanctions) से राहत वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण पहले भारत वहां से सीधे तेल नहीं खरीद पा रहा था। लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलने या वैकल्पिक पेमेंट सिस्टम (जैसे स्थानीय करेंसी या बार्टर सिस्टम) के जरिए अब दोनों देशों के बीच व्यापार का रास्ता साफ हुआ है। 3. भारतीय रिफाइनरियों के लिए उपयुक्त भारत की कई बड़ी रिफाइनरियां (जैसे रिलायंस और नयरा एनर्जी) वेनेजुएला के भारी और सघन (Heavy Crude) तेल को प्रोसेस करने के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम हैं। इसलिए वेनेजुएला के लिए भारत एक बेहतरीन और परमानेंट खरीदार है। 4. जियोपॉलिटिक्स (भू-राजनीति) इस डील के जरिए भारत किसी एक देश (जैसे सिर्फ खाड़ी देशों या रूस) पर अपनी तेल निर्भरता को कम करना चाहता है। इसे भारत की "ऊर्जा सुरक्षा रणनीति" (Energy Security Strategy) के तहत एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकियों के बीच, भारत और ओमान ने मिलकर एक बहुत बड़ा कूटनीतिक और रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला है 00:06 Opens in a new window। दोनों देशों के बीच हुआ सीईपीए (CEPA - Comprehensive Economic Partnership Agreement) समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) के लिए एक गेम चेंजर साबित हो रहा है 00:14 Opens in a new window। Bharat Tak के इस वीडियो के अनुसार, इस पूरे खेल की मुख्य बातें इस प्रकार हैं: 1. Strait of Hormuz का खतरा और भारत की मजबूरी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक है 00:36 Opens in a new window। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस रास्ते पर बहुत अधिक निर्भर है, क्योंकि देश का करीब 45% कच्चा तेल (Crude Oil), 55% एलएनजी (LNG) और 90% एलपीजी (LPG) इसी रास्ते से होकर भारत आता है 00:42 Opens in a new window। ईरान और इजराइल/अमेरिका के बीच तनाव के कारण इस रास्ते के बंद होने का खतरा हमेशा बना रहता है 01:51 Opens in a new window। 2. भारत-ओमान की जुगलबंदी (The Masterstroke) भारत और ओमान के बीच हुआ CEPA समझौता 1 जून से पूरी तरह लागू हो चुका है 01:05 Opens in a new window। भौगोलिक फायदा: ओमान के प्रमुख बंदरगाह जैसे दुखम (Duqm), सोहार (Sohar) और सलाला (Salalah) सीधे अरब सागर पर स्थित हैं और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दायरे से बाहर हैं 01:35 Opens in a new window। इसका मतलब यह है कि भारत अब हॉर्मुज को पूरी तरह बाईपास करके ओमान के इन पोर्ट्स के जरिए सुरक्षित रूप से अपनी ऊर्जा सप्लाई (Energy Supply) जारी रख सकता है 01:42 Opens in a new window। 3. समुद्र के नीचे 'जादुई' गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट हॉर्मुज पर निर्भरता खत्म करने के लिए भारत और ओमान समुद्र के नीचे एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं 02:17 Opens in a new window: लागत और लंबाई: लगभग 4.8 अरब डॉलर की लागत से ओमान से भारत (गुजरात) तक समुद्र के नीचे 2000 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाई जाएगी 02:23 Opens in a new window। गहराई: यह पाइपलाइन अरब सागर के नीचे करीब 3450 मीटर की गहराई से गुजरेगी 02:39 Opens in a new window। क्षमता: इसके जरिए रोजाना करीब 3.1 करोड़ स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस भारत पहुंचेगी 02:39 Opens in a new window। बचत: इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से भारत को हर साल करीब 1 अरब डॉलर की बड़ी बचत होने का अनुमान है 02:57 Opens in a new window। इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने में GAIL, इंडियन ऑयल (IOCL) और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) जैसी भारतीय सरकारी कंपनियां जुटी हुई हैं 03:02 Opens in a new window। 4. व्यापार में भी बड़ा फायदा इस समझौते के तहत ओमान भारत की 98% टैरिफ लाइनों पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर रहा है 01:23 Opens in a new window। साथ ही, भारतीय कंपनियों को ओमान के आईटी, हेल्थकेयर, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी जैसे बड़े सेक्टर्स में 100% एफडीआई (Direct Foreign Investment) की अनुमति मिलेगी 03:09 Opens in a new window। इस तरह भारत ने ओमान के साथ मिलकर एक ऐसा 'सेफ एनर्जी कॉरिडोर' तैयार कर लिया है, जो किसी भी युद्ध या तनाव की स्थिति में देश की बिजली और ईंधन की सप्लाई को रुकने नहीं देगा 02:17 Opens in a new window।
भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को पूरी तरह अभेद्य बनाने के लिए एक बेहद आधुनिक और दुनिया का सबसे बड़ा 'AI स्मार्ट बॉर्डर' प्रोजेक्ट शुरू कर चुका है 00:23 Opens in a new window। इस ऐतिहासिक कदम से पाकिस्तान के सुरक्षा गलियारों और मीडिया में हड़कंप मच गया है। Bharat Tak के इस वीडियो के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की मुख्य बातें और तकनीकें इस प्रकार हैं: 1. प्रोजेक्ट का पैमाना और बजट लंबाई: भारत अपने संवेदनशील 6000 किलोमीटर लंबे बॉर्डर को डिजिटल फेंसिंग से कवर कर रहा है 02:35 Opens in a new window। भारी निवेश: पाकिस्तान के मशहूर पत्रकार नजम सेठी के अनुसार, भारत इस प्रोजेक्ट में ₹30,000 करोड़ (लगभग 1.3 अरब डॉलर) का बड़ा निवेश कर रहा है 01:41 Opens in a new window। अंतरराष्ट्रीय सहयोग: इस डिजिटल फेंसिंग के लिए आ रहे हाई-टेक सिस्टम और अचूक तकनीक में इजराइल भारत का साथ दे रहा है 01:58 Opens in a new window। 2. क्यों चीख रहा है पाकिस्तान? अदृश्य और अभेद्य दीवार: यह एक ऐसी डिजिटल फेंसिंग है जिसे न तो सुरंग खोदकर पार किया जा सकता है और न ही घने कोहरे या अंधेरे का फायदा उठाकर 00:06 Opens in a new window। फिजिकल की जगह ऑटोमेशन: गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, अब पारंपरिक फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की जगह ऑटोमेटेड सेंसर ग्रिड काम करेगा, जिससे सुंदरबन के घने जंगलों से लेकर कच्छ के दलदल तक हर जगह पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी 01:16 Opens in a new window। 3. इस प्रोजेक्ट की 5 अचूक तकनीकें यह पूरा सिस्टम एक सिंगल कमांड डैशबोर्ड से कंट्रोल होगा 03:28 Opens in a new window, जिसमें निम्नलिखित अत्याधुनिक गैजेट्स शामिल हैं: ऑटोमेटेड सेंसर ग्रिड: जमीन के नीचे ऐसे सेंसर लगाए गए हैं जो घुसपैठियों के कदमों की आहट को भी पहचान लेंगे 02:51 Opens in a new window। ड्रोन डिटेक्शन रडार: सीमा पार से आने वाले छोटे से छोटे ड्रोन को भी यह तुरंत पकड़ लेगा 03:05 Opens in a new window। थर्मल और हाई-टेक कैमरा: घने कोहरे और काली रातों में भी घुसपैठियों के चेहरे साफ देख सकेंगे 03:05 Opens in a new window। माइक्रो यूएवी (UAVs): छोटे ड्रोन जो 24 घंटे हवा में रहकर सीमा पर गश्त करेंगे 03:14 Opens in a new window। एंटी-ड्रोन सिस्टम: दुश्मन के ड्रोन्स को पलक झपकते ही जाम (Jam) कर देने वाली तकनीक 03:22 Opens in a new window। इस एआई-संचालित तकनीक के आने के बाद कश्मीर की दुर्गम पहाड़ियों से लेकर गुजरात और अन्य सीमाओं तक आतंकवाद, अवैध घुसपैठ, हथियारों की तस्करी और नकली नोटों के धंधे पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगी 03:43 Opens in a new window। यही वजह है कि सीमा पार बौखलाहट साफ देखी जा रही है।
न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए लव जिहाद, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के बड़े मामले में पुलिस जांच के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।इस पूरे स्कैंडल के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:शादीशुदा महिलाएं भी बनीं शिकार: इस गिरोह के निशाने पर पहले मुख्य रूप से दूसरे जिलों या राज्यों से भोपाल आकर पढ़ने वाली मध्यमवर्गीय हिंदू छात्राएं थीं 03:06 Opens in a new window , 03:22 Opens in a new window । लेकिन जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी शादीशुदा हिंदू महिलाओं को भी अपने जाल में फंसाते थे और उनका शारीरिक शोषण कर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे 03:34 Opens in a new window , 04:21 Opens in a new window ।चोरी-छिपे कैमरे लगाकर वीडियो बनाना: गिरोह का मुख्य आरोपी फरहान अली और उसके साथी छात्राओं के कमरों में चोरी-छिपे कैमरे लगा देते थे 04:54 Opens in a new window , 06:08 Opens in a new window । इन कैमरों से रिकॉर्ड किए गए वीडियो के दम पर वे लड़कियों और उनकी सहेलियों को ब्लैकमेल करते थे 06:08 Opens in a new window । आरोपी इन वीडियो को पॉर्न साइट्स पर बेचने की फिराक में भी थे 06:21 Opens in a new window ।बदनामी के डर से सामने आने में हिचकिचाहट: स्कैंडल में फंसी कई पीड़ित महिलाएं और छात्राएं बदनामी और पारिवारिक लोकलाज के डर से शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं हो रही थीं 00:50 Opens in a new window , 04:03 Opens in a new window । पुलिस ने कॉल डिटेल (CDR) के आधार पर ऐसी महिलाओं को चिह्नित किया 01:05 Opens in a new window । पुलिस द्वारा तीन दिनों तक की गई लगातार काउंसलिंग के बाद चार छात्राएं एफआईआर कराने के लिए राजी हुईं, जबकि दो शादीशुदा महिलाएं अभी भी शिकायत कराने से कतरा रही हैं 03:46 Opens in a new window , 06:29 Opens in a new window ।पड़ोसी जिलों में भी अय्याशी के अड्डे: पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गैंग ने सिर्फ भोपाल ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों (जैसे सीहोर के बिलकिसगंज) में भी अपने ठिकाने और अय्याशी के अड्डे बना रखे थे, जहां ले जाकर लड़कियों का शोषण किया जाता था 04:54 Opens in a new window , 05:07 Opens in a new window ।मुख्य आरोपी पर कार्रवाई: मुख्य आरोपी फरहान अली को जब पुलिस जांच के लिए ले जा रही थी, तब उसने टॉयलेट के बहाने गाड़ी रुकवाई और सब-इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया 01:05 Opens in a new window । पुलिस के साथ हुई इस छीना-झपटी और फायरिंग में आरोपी फरहान पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया 01:20 Opens in a new window । पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों (जैसे अबरार) की तलाश में जुटी है 01:31 Opens in a new window ।
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प्रेग्नेंट पत्नी ने पति को रंगेहाथ पकड़ा ! युवती के साथ था कमरे में बंद,...
सागर टीवी न्यूज की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नानाखेड़ा थाना क्षेत्र से सामने आई है। यहाँ एक गर्भवती महिला ने अपने पति को एक अन्य युवती के साथ रंगे हाथों पकड़ा, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में लिया 00:28 Opens in a new window ।इस घटना से जुड़े मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:घटना की पृष्ठभूमि: पीड़िता हंसा पीपावत की शादी 14 साल पहले सुरेंद्र सिंह से हुई थी 01:20 Opens in a new window । हंसा इस समय गर्भवती हैं (उनके पेट में तीसरा बच्चा है) और उनके पहले से दो बच्चे भी हैं 01:07 Opens in a new window , 01:20 Opens in a new window ।शक और पीछा करना: पीड़िता ने बताया कि उनका पति पिछले कुछ महीनों से 'ढाबे पर काम' करने का बहाना बनाकर रात-रात भर घर से बाहर रहने लगा था 01:26 Opens in a new window , 02:40 Opens in a new window । शक होने पर महिला ने करीब एक महीने तक अपने पति का पीछा किया 02:35 Opens in a new window ।रंगे हाथों पकड़ा: पीछा करते हुए महिला महाकाल वाणिज्य केंद्र के पास स्थित एक मकान (कृष्णा होम स्टे के सामने) पहुंची 01:32 Opens in a new window , 02:52 Opens in a new window । वहाँ उन्होंने अपने पति को युवती के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया 01:32 Opens in a new window । महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए दोनों को कमरे के अंदर धकेलकर बाहर से दरवाजा लॉक कर दिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी 03:44 Opens in a new window ।घरेलू हिंसा और आर्थिक नुकसान के आरोप: पीड़िता का आरोप है कि उनका पति उनके और बच्चों के साथ मारपीट करता था 03:18 Opens in a new window । इसके अलावा पति ने अपनी सैलून की दुकान बेचकर सारा पैसा उस युवती पर खर्च कर दिया 01:50 Opens in a new window । पहले भी डेढ़ साल पहले कॉम्प्रोमाइज (समझौता) हुआ था, लेकिन पति ने दोबारा धोखा दिया 02:06 Opens in a new window , 04:02 Opens in a new window ।पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलने पर नानाखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पति व युवती को कमरे से बाहर निकालकर थाने ले गई 00:28 Opens in a new window । थाना प्रभारी के मुताबिक दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है 01:56 Opens in a new window ।
लैब में तैयार हुआ जिंदा रोबोट | World's First Robot Controlled by Human...
चीन की तियानजिन यूनिवर्सिटी (Tianjin University) और साउथर्न यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने विज्ञान की दुनिया में एक बेहद हैरान कर देने वाला और क्रांतिकारी आविष्कार किया है। उन्होंने दुनिया का पहला ऐसा रोबोट (Brain-on-a-Chip) तैयार किया है, जो किसी कंप्यूटर कोडिंग या पारंपरिक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से नहीं, बल्कि इंसानी दिमाग की जीवित कोशिकाओं (Human Brain Cells/Organoids) से नियंत्रित होता है [1.1, 1.3]।
वैज्ञानिकों के इस अनोखे 'जिंदा रोबोट' से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
1. यह कैसे काम करता है? (Brain-on-Chip टेक्नोलॉजी)
स्टेम सेल्स से बना 'मिनी-ब्रेन': वैज्ञानिकों ने इंसानी स्टेम सेल्स (Stem Cells) का उपयोग करके प्रयोगशाला (Lab) में दिमाग का एक छोटा हिस्सा विकसित किया, जिसे 'ब्रेन ऑर्गेनॉइड' (Brain Organoid) या मिनी-ब्रेन कहा जाता है [1.1, 1.5]।
इलेक्ट्रोड चिप से कनेक्शन: इस जीवित दिमाग के हिस्से को एक इलेक्ट्रॉनिक न्यूरल इंटरफेस चिप (Electrode Chip) से जोड़ा गया है [1.1, 1.5]। यह चिप इंसानी कोशिकाओं के इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स (Electrical Signals) को डिकोड करती है और रोबोट के शरीर तक निर्देश पहुंचाती है [1.3, 1.5]।
2. यह रोबोट क्या-क्या कर सकता है?
चूँकि इस रोबोट के पास हमारे जैसी आंखें नहीं हैं, इसलिए यह चिप के माध्यम से मिलने वाले इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स के आधार पर ही दुनिया को समझता है [1.5]। इस 'जिंदा दिमाग' की मदद से रोबोट निम्नलिखित काम करना सीख गया है:
रास्ते की रुकावटों से बचना: चलते समय सामने आने वाले अवरोधों (Obstacles) को पहचान कर रास्ता बदलना [1.1, 1.3]।
चीजों को पकड़ना: अपने रोबोटिक हाथों को नियंत्रित कर किसी ऑब्जेक्ट या टारगेट को ट्रैक करना और उसे पकड़ना (Grasping) [1.4, 1.5]।
3. यह पारंपरिक AI से कैसे बेहतर है?
शोधकर्ताओं और एक्सपर्ट्स (जैसे कोर्टिकल लैब्स) के अनुसार, इस प्रकार के बायोकंप्यूटर्स (Biocomputers) और हाइब्रिड इंटेलिजेंस पारंपरिक एआई (AI) मशीन लर्निंग चिप्स की तुलना में बहुत तेजी से सीखते हैं और बेहद कम बिजली/ऊर्जा की खपत करते हैं [1.3, 1.4]।
4. भविष्य की राह
वैज्ञानिकों ने इस ओपन-सोर्स सिस्टम को 'MetaBOC' नाम दिया है [1.5]। उनका मानना है कि यह तकनीक भविष्य में हाइब्रिड ह्यूमन-रोबोट इंटेलिजेंस (Hybrid Human-Robot Intelligence) के एक नए युग की शुरुआत करेगी [1.3, 1.4]। चिकित्सा के क्षेत्र में इसकी मदद से न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज और डैमेज हुए इंसानी दिमाग के लिए 'लिविंग न्यूरल प्रोस्थेटिक्स' (कृत्रिम न्यूरल अंग) बनाने में बड़ी मदद मिल सकती है [2.5]।
News Decode की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, भारत-बांग्लादेश सीमा पर कल रात खराब मौसम का फायदा उठाकर की गई एक बड़ी साजिश को सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पूरी तरह नाकाम कर दिया है। इस घटना और भारत की जवाबी कार्रवाई से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं: 80 KM फेंसिंग को निशाना बनाया: कल रात सीमांत इलाकों में तेज आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और बेहद खराब विजिबिलिटी का फायदा उठाकर सैकड़ों बांग्लादेशी उपद्रवी और असामाजिक तत्व हथौड़े, कटर और भारी औजारों के साथ भारतीय सीमा की तरफ बढ़े 02:11 Opens in a new window। उन्होंने भारत की सुरक्षा को चुनौती देते हुए लगभग 80 किलोमीटर के दायरे में लगी कंटीले तारों की फेंसिंग (बाड़) को उखाड़ कर फेंक दिया 02:52 Opens in a new window। इस साजिश का मुख्य मकसद भारतीय मुख्य भूमि में अवैध घुसपैठ के लिए एक स्थायी रास्ता बनाना था 02:58 Opens in a new window। BSF का प्रचंड और ऑन-द-स्पॉट एक्शन: जैसे ही एडवांस सेंसर टूटने से फेंसिंग को हुए नुकसान की भनक लगी, सरहद पर तैनात बीएसएफ (BSF) के कमांडो ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए संवेदनशील पॉइंट्स पर घेराबंदी कर दी 03:11 Opens in a new window। भारतीय जवानों ने बिना एक सेकंड गंवाए 38 से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठियों और उपद्रवियों को रंगे हाथों दबोच लिया और उन्हें भारतीय सीमा के भीतर हिरासत में ले आए 03:52 Opens in a new window। इस दौरान जब बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स (BGB) ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो बीएसएफ ने कड़े शब्दों में उन्हें भी पीछे हटने पर मजबूर कर दिया 04:07 Opens in a new window। खुफिया पूछताछ में बड़े खुलासे: हिरासत में लिए गए इन 38 उपद्रवियों से एक सुरक्षित मिलिट्री बेस पर सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं 04:24 Opens in a new window। शुरुआती जांच में उन्होंने कबूला है कि फेंसिंग को तोड़ने का आदेश उन्हें स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि सीमा पार बैठे बड़े आकाओं और संगठनों से मिला था ताकि भारतीय सीमा के भीतर अस्थिरता पैदा की जा सके 07:18 Opens in a new window। दिल्ली में हाई-लेवल आपात बैठक: इस गंभीर घटना के बाद नई दिल्ली के रणनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एक बेहद गोपनीय और उच्च स्तरीय आपात बैठक हुई, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक साथ मौजूद रहे 05:08 Opens in a new window। भारत का कड़ा रुख: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वी कमान की भारतीय सेना को भी हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि स्थिति बिगड़ने पर बीएसएफ को तुरंत बैकअप मिल सके 06:08 Opens in a new window। इसके साथ ही, टूटी हुई फेंसिंग को दोबारा जोड़ने के साथ-साथ अब उस पूरे 80 किमी के पैच को अत्याधुनिक 'एंटी-कट फेंसिंग' और 'सेंसर ग्रिड' से लैस कर एक अभेद्य किले में तब्दील किया जा रहा है
News Tak की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अजीत कुमार (थाला) की मां मोहिनी मणि के निधन पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय और अभिनेत्री तृषा कृष्णन उन्हें सांत्वना देने पहुंचे। इस दुखद घड़ी में हुई इस मुलाकात ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री और फैंस के बीच एक बड़ा संदेश दिया है। इस मुलाकात और इससे जुड़े घटनाक्रम की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं: 15 साल बाद दिखे साथ: तमिल सिनेमा के दो सबसे बड़े सुपरस्टार—विजय (थलापति) और अजीत कुमार (थाला)—जिनके बीच बॉक्स ऑफिस पर सालों से कड़ी प्रतिद्वंदिता (राइवलरी) रही है, वे करीब 15 साल के लंबे अंतराल के बाद एक साथ नजर आए 00:28 Opens in a new window। इंसानियत और पुरानी दोस्ती: जैसे ही मां मोहिनी मणि के निधन की खबर मिली, सीएम विजय पुरानी प्रतिद्वंदिता की दीवारों को गिराकर सीधे अजीत कुमार के घर पहुंचे 01:04 Opens in a new window। उन्होंने आगे बढ़कर अजीत कुमार को गले लगाया और इस दुख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया 01:17 Opens in a new window। तृषा कृष्णन भी रहीं मौजूद: इस दौरान अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी अजीत कुमार के घर पहुंचीं 00:21 Opens in a new window। तृषा ने विजय और अजीत दोनों के ही साथ कई सुपरहिट और कल्ट फिल्मों में काम किया है 04:29 Opens in a new window। वह भी इस दुखद मौके पर अजीत कुमार और उनके परिवार को सांत्वना देने के लिए वहां मौजूद थीं। फैंस ने की सराहना: सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। प्रशंसक इस बात की जमकर तारीफ कर रहे हैं कि पर्दे की जंग और कमर्शियल कंपटीशन अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर इंसानियत और पुरानी दोस्ती सबसे ऊपर होती है
ANI Bharat की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता में आयोजित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में एक बेहद भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। सुंदरबन के गोसाबा ब्लॉक (साजेलिया) से आई एक महिला अपने दिव्यांग पति को अपनी पीठ पर लादकर वहां पहुंची थी। इस पूरी घटना और उसकी वजह के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं: जनता दरबार में पहुंचने की वजह: महिला के पति के कमर के नीचे का हिस्सा काम नहीं करता है 00:52 Opens in a new window। परिवार बेहद गरीब है और उनके पास रोजगार या आय का कोई दूसरा साधन नहीं है 00:52 Opens in a new window। महिला अपने पति के लिए एक बैटरी चालित (इलेक्ट्रिक) वाहन और रहने के लिए घर की मांग को लेकर न्याय की गुहार लगाने आई थी 01:05 Opens in a new window, ताकि उनका जीवन थोड़ा आसान हो सके। सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना: महिला ने बताया कि उन्हें किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता या आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था, जिसके कारण उन्हें इतना लंबा सफर तय कर सीधे मुख्यमंत्री के पास आना पड़ा 01:37 Opens in a new window। मुख्यमंत्री का आश्वासन: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में लगे इस जनता दरबार में दंपति की पूरी बात और उनकी पीड़ा को बेहद ध्यान से सुना 00:31 Opens in a new window। उन्होंने महिला को तुरंत आश्वासन दिया कि 7 दिनों के भीतर उनकी सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा और उन्हें जरूरी मदद पहुंचाई जाएगी 01:16 Opens in a new window।
इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक हुई है। प्रभात खबर की इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं: हैदराबाद हाउस में बैठक: 1 जून 2026 (सोमवार) को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग (Min Aung Hlaing) के बीच एक विशेष द्विपक्षीय बैठक हुई 00:26 Opens in a new window। पहला आधिकारिक दौरा: म्यांमार के राष्ट्रपति, पीएम मोदी के विशेष निमंत्रण पर भारत के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर आए हैं 00:37 Opens in a new window। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है 00:48 Opens in a new window। उनके साथ म्यांमार के कैबिनेट मंत्रियों और बिजनेस लीडर्स का एक बड़ा डेलिगेशन भी आया है 01:07 Opens in a new window। चर्चा के मुख्य मुद्दे: दोनों नेताओं के बीच सीमा सुरक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक रिश्तों और क्षेत्रीय शांति जैसे गंभीर मुद्दों पर बातचीत हुई 00:56 Opens in a new window। भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) के तहत म्यांमार को दक्षिण-पूर्वी एशिया का प्रवेश द्वार माना जाता है, इसलिए दोनों देशों के बीच आर्थिक कॉरिडोर और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास को गति मिलने की उम्मीद है 03:18 Opens in a new window। दौरे की शुरुआत और बौद्धगया यात्रा: राष्ट्रपति का यह दौरा 30 मई (शनिवार) को शुरू हुआ था, जहां वे सबसे पहले आध्यात्मिक शहर बौद्धगया पहुंचे 01:24 Opens in a new window। उन्होंने यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल महाबोधि मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की 01:54 Opens in a new window। अजीत डोभाल और एस. जयशंकर से मुलाकात: दिल्ली पहुंचने पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने उनसे मुलाकात कर पुराने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की 02:11 Opens in a new window। इसके बाद, 31 मई (रविवार) को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात की, जिसमें भारत-म्यांमार सीमा पर शांति बनाए रखने और उग्रवाद से निपटने जैसे संवेदनशील सुरक्षा मुद्दों पर बात हुई
पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित मशहूर शिक्षक खान सर के 'खान जीएस रिसर्च सेंटर' कोचिंग संस्थान के बाहर हुई इस घटना की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं: घटना: चश्मदीदों और कोचिंग के स्टाफ के मुताबिक, कुछ अज्ञात बदमाशों ने ऑफिस में तोड़फोड़ की और करीब 8 से 10 राउंड हवाई फायरिंग की, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल और नुकसान: इस हमले में कोचिंग सेंटर के एक सुरक्षा गार्ड के साथ बुरी तरह मारपीट की गई, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। गार्ड को खून से लथपथ हालत में इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में भर्ती कराया गया है। हमले की वजह (आरोप): खान सर के संस्थान के लोगों ने सीधे तौर पर पास के ही एक प्रतिद्वंदी (रैवल) कोचिंग संस्थान पर हमला करवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खान सर द्वारा बहुत ही कम फीस में हज़ारों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और बेहतरीन रिजल्ट आने की वजह से वो लोग रंजिश रखते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी कोचिंग वाले ने पहले ही दो दिन में कोचिंग उड़ाने की धमकी दी थी। पुलिस की कार्रवाई: घटना के बाद पटना के एसएसपी, एसपी और कई थानों की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि यह आपसी मारपीट और हमले का मामला है। घायल गार्ड और आस-पास के लोगों का बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हमलावरों की पहचान के लिए कोचिंग के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
1 जून 2026 को इस्लामाबाद में हुई 8वीं पाकिस्तान-यूरोपीय यूनियन (EU) रणनीतिक वार्ता (Strategic Dialogue) के बाद जो संयुक्त बयान जारी हुआ है, उसे लेकर सोशल मीडिया और मीडिया हेडलाइंस में इसी तरह की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इस पूरी मुलाकात और कश्मीर राग के पीछे की असली कहानी और कूटनीति को कुछ मुख्य बिंदुओं में समझा जा सकता है: 1. बैठक में क्या हुआ? (कश्मीर बनाम यूक्रेन) यूरोपीय संघ (EU) की विदेश नीति प्रमुख और उपाध्यक्ष काजा कल्लास (Kaja Kallas) पाकिस्तान के दौरे पर थीं। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान के पॉइंट नंबर 11 में कश्मीर का जिक्र आया: पाकिस्तान का राग: पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार और पीएम शहबाज़ शरीफ ने हमेशा की तरह EU के सामने कश्मीर का मुद्दा उठाया और भारत पर 'आक्रामकता' के आरोप लगाए। EU का पलटवार: जवाब में EU प्रतिनिधि ने पाकिस्तान को रूस-यूक्रेन युद्ध पर ब्रीफिंग दे दी। नतीजा: अंत में बयान में बस इतना लिखा गया कि "दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर के सिद्धांतों के तहत बातचीत और कूटनीति से विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का समर्थन किया।" यानी EU ने मध्यस्थता करने या भारत के खिलाफ जाने से साफ इनकार कर दिया। 2. पाकिस्तान की मजबूरी: 'गिड़गिड़ाने' की असली वजह भारतीय मीडिया और विश्लेषक इसे पाकिस्तान का 'गिड़गिड़ाना' इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान इस समय गहरे आर्थिक संकट में है और उसे EU से एक बहुत बड़ी आर्थिक मदद चाहिए: GSP+ स्टेटस (व्यापारिक छूट): पाकिस्तान को यूरोपीय बाजारों में टैक्स-फ्री एक्सपोर्ट (विशेषकर टेक्सटाइल) के लिए GSP+ दर्जा मिला हुआ है। यह स्कीम खत्म होने वाली है और EU नए कड़े नियम ला रहा है। शर्तें और फटकार: काजा कल्लास ने पाकिस्तान को साफ शब्दों में कहा कि अगर उसे आगे भी यह व्यापारिक छूट चाहिए, तो उसे मानवाधिकारों (Human Rights), अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और शासन सुधारों पर "ठोस प्रगति" दिखानी होगी। पाकिस्तान इस छूट को पाने के लिए EU की हर शर्त मानने को मजबूर दिख रहा है। भारत का इस पर क्या रुख है? भारत का रुख हमेशा से पूरी तरह साफ और अडिग रहा है: द्विपक्षीय मुद्दा: जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक और अभिन्न हिस्सा है। भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी मुद्दे पर बात सिर्फ 'शिमला समझौते' के तहत द्विपक्षीय (Bilateral) होगी, इसमें EU, UN या किसी भी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। आतंकवाद पर नो-टॉलरेंस: भारत स्पष्ट कह चुका है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद (Cross-border terrorism) पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं है। निष्कर्ष: पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को प्रासंगिक बनाए रखने और घरेलू राजनीति को साधने के लिए कश्मीर का मुद्दा जरूर उछाला, लेकिन यूरोपीय संघ (EU) का पूरा ध्यान पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड को सुधारने और व्यापारिक शर्तों को मनवाने पर था, न कि कश्मीर पर पाकिस्तान का साथ देने पर।
Iran जैसा India को मिला Divyastra Mk1, 500 Attack कर Indian Army को दिखाया धांसू दम जिस खबर का ज़िक्र हो रहा है, वह Divyastra Mk-1 नामक भारत के स्वदेशी "Loitering Munition" (कामीकाज़े ड्रोन) के सफल प्रदर्शन से जुड़ी है। हाल ही में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने राजस्थान के जोधपुर में इसका ऑपरेशनल डेमो किया गया। यह ध्यान देने वाली बात है कि कुछ वायरल वीडियो और थंबनेल इसे ईरान के ड्रोन कार्यक्रम से जोड़कर दिखा रहे हैं, लेकिन Divyastra Mk-1 एक भारतीय प्रणाली है जिसे भारतीय कंपनी Hoverit ने विकसित किया है। Divyastra Mk-1 की प्रमुख क्षमताएँ लगभग 500 किमी तक की ऑपरेशनल रेंज। 5 घंटे तक उड़ान भरने की क्षमता। 300–400 किमी/घंटा की अटैक स्पीड। ISR (Intelligence, Surveillance, Reconnaissance) यानी निगरानी और खुफिया मिशनों के साथ-साथ सटीक हमले करने में सक्षम। AI और स्वॉर्म (Swarm) क्षमता, जिससे कई ड्रोन मिलकर मिशन कर सकते हैं। सेना को क्या दिखाया गया? जोधपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान Divyastra Mk-1 को वाहन-आधारित मोबाइल लॉन्चर से कई बार लॉन्च किया गया। इसमें तेज तैनाती, युद्धक्षेत्र में गतिशीलता और वास्तविक परिस्थितियों में निगरानी तथा स्ट्राइक क्षमता का प्रदर्शन किया गया। क्या यह ईरान के ड्रोन जैसा है? कुछ हद तक इसकी श्रेणी ईरान के लंबी दूरी वाले ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन से मिलती-जुलती है, लेकिन Divyastra Mk-1 भारतीय आवश्यकताओं के अनुसार विकसित किया गया स्वदेशी सिस्टम है। इसे कम लागत और लगभग 95% स्वदेशी सामग्री के साथ विकसित करने का दावा किया गया है।
जिस वीडियो का ज़िक्र किया जा रहा है, उसमें भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए ड्रोन, थर्मल कैमरे और अन्य आधुनिक निगरानी प्रणालियों के इस्तेमाल को दिखाया जा रहा है। हाल के महीनों में सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने हवाई निगरानी बढ़ाई है ताकि अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य सीमा-पार गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके। भारत की Border Security Force (BSF) ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ड्रोन, इन्फ्रारेड सेंसर, थर्मल इमेजर और स्मार्ट फेंसिंग जैसी तकनीकों का उपयोग बढ़ाया है। कई संवेदनशील इलाकों में आसमान से निगरानी कर संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जाता है। हाल ही में सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए सुरक्षा बलों ने कई अभियान चलाए हैं। पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और गश्त दोनों बढ़ाई गई हैं।
अगर आप उस वायरल वीडियो की बात कर रहे हैं जिसमें हेलीकॉप्टर से कमांडो रस्सियों के सहारे एक रूसी-लिंक्ड जहाज पर उतरते दिखाई दे रहे हैं, तो वह हाल की एक वास्तविक घटना से जुड़ा है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने स्वयं इसका वीडियो साझा किया था। घटना के अनुसार, फ्रांसीसी नौसेना ने अटलांटिक महासागर में Tagor नामक एक रूस-लिंक्ड तेल टैंकर को रोका और उस पर सवार होकर जांच की। फ्रांस का आरोप है कि यह जहाज रूस की तथाकथित "Shadow Fleet" का हिस्सा था और प्रतिबंधों से बचने के लिए गलत झंडे का उपयोग कर रहा था। ऑपरेशन में ब्रिटेन का भी सहयोग था। वीडियो में दिखाई देता है कि: हेलीकॉप्टर जहाज के ऊपर मंडराते हैं। नौसैनिक कमांडो रस्सियों के जरिए डेक पर उतरते हैं। जहाज को नियंत्रण में लेकर दस्तावेजों और पहचान की जांच की जाती है। वीडियो देखने के लिए: रूस ने इस कार्रवाई को "अवैध" और "समुद्री डकैती के करीब" बताया, जबकि फ्रांस का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और प्रतिबंधों के पालन के तहत की गई कार्रवाई थी। यह कोई युद्धपोत पर कब्ज़ा नहीं था, बल्कि एक रूस-लिंक्ड तेल टैंकर पर की गई नौसैनिक कार्रवाई थी।
भारत ने 114 नए Dassault Rafale लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए फ्रांस को आधिकारिक Letter of Request (LoR) भेज दिया है। यह लगभग ₹3.25 लाख करोड़ की लागत वाला सौदा माना जा रहा है और भारतीय वायुसेना के इतिहास की सबसे बड़ी फाइटर जेट डील्स में से एक हो सकती है। इस डील में क्या खास है? कुल 114 Rafale विमान खरीदे जाने की योजना है। रिपोर्टों के अनुसार लगभग 94 विमान भारत में ही बनाए जा सकते हैं, जिसमें फ्रांसीसी कंपनी Dassault Aviation और एक भारतीय साझेदार शामिल होंगे। यह सौदा सरकार-से-सरकार (G2G) मॉडल पर आगे बढ़ रहा है। LoR भेजे जाने के बाद अब कीमत, तकनीक, हथियार पैकेज और उत्पादन व्यवस्था पर बातचीत होगी। भारत को इसकी जरूरत क्यों है? Indian Air Force के लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या लंबे समय से आवश्यक स्तर से कम है। नए Rafale आने से: एयर सुपीरियोरिटी क्षमता बढ़ेगी। लंबी दूरी के स्ट्राइक मिशन मजबूत होंगे। चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर वायु शक्ति में बढ़त मिलेगी। "Make in India" के तहत भारतीय एयरोस्पेस उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। आगे क्या होगा? फ्रांस अगले कुछ महीनों में भारतीय LoR का जवाब देगा। उसके बाद औपचारिक वार्ताएं शुरू होंगी और रिपोर्टों के अनुसार अंतिम अनुबंध अगले एक वर्ष के भीतर साइन किया जा सकता है। संक्षेप में, यह केवल फाइटर जेट खरीद नहीं बल्कि भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग, वायुसेना के आधुनिकीकरण और घरेलू रक्षा निर्माण को नई गति देने वाला रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
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