मेरे तन में भी शिव, मेरे मन में भी शिव | Shiv Naam Kirtan | शिव भजन
(मुखड़ा)
मेरे तन में भी शिव,
मेरे मन में भी शिव।
हर धड़कन में बसते हैं,
भोले शंकर शिव॥
(अंतरा 1)
जटा में गंगा, शीश चंद्रमा,
गले विराजे नाग।
डमरू की पावन धुन सुनकर,
मिट जाए हर दाग॥
हर-हर महादेव का नारा,
गूंजे चारों धाम।
जो भी सच्चे मन से बोले,
सँवर जाए उसका काम॥
(कोरस)
ॐ नमः शिवाय... ॐ नमः शिवाय...
हर-हर महादेव... हर-हर महादेव...
मेरे तन में भी शिव,
मेरे मन में भी शिव॥
(अंतरा 2)
कैलाशपति, करुणा सागर,
सबके पालनहार।
भक्तों के संकट हर लेते,
करते बेड़ा पार॥
भस्म रमाए, त्रिशूल उठाए,
नंदी जिनके साथ।
एक पुकार सुन लेते भोले,
देते सच्चा साथ॥
(कोरस)
मेरे तन में भी शिव,
मेरे मन में भी शिव।
हर श्वास में बसते हैं,
भोलेनाथ ही शिव॥
(अंतरा 3)
श्रावण मास हो या हो फागुन,
नाम रहे हर बार।
शिव की भक्ति जिसने पाई,
उसका हुआ उद्धार॥
भोले-भोले कहते-कहते,
मन हो जाए शुद्ध।
शिव चरणों में शीश झुकाकर,
मिलता जीवन-बोध॥
(समापन)
मेरे तन में भी शिव,
मेरे मन में भी शिव।
हर जन्म में साथ रहें,
मेरे भोलेनाथ शिव॥
हर-हर महादेव!
ॐ नमः शिवाय!