West Bengal में Bakrid पर नए नियम, क्यों बढ़ा विवाद? West Bengal सरकार ने Bakrid (Eid al-Adha) से पहले पशु कुर्बानी को लेकर पुराने कानूनों के सख्त पालन के निर्देश दिए हैं। नए निर्देशों के मुताबिक बिना सरकारी फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय, बैल या भैंस की कुर्बानी नहीं हो सकेगी। साथ ही सार्वजनिक जगहों पर slaughter पर भी रोक लगाई गई है। क्या हैं नए नियम? सरकारी आदेश के अनुसार: केवल वही पशु कुर्बानी के लिए मान्य होंगे जो 14 साल से अधिक उम्र के हों या काम करने लायक न हों। Veterinary certificate जरूरी होगा। कुर्बानी केवल authorized slaughter house में ही की जा सकेगी। खुले या सार्वजनिक स्थानों पर slaughter प्रतिबंधित रहेगा। हिंदू व्यापारी क्यों परेशान? रिपोर्ट्स के अनुसार West Bengal के कई livestock markets में व्यापार धीमा पड़ गया है। बड़ी संख्या में हिंदू पशु व्यापारी और किसान, जो सालों से इस व्यापार से जुड़े हैं, कह रहे हैं कि सख्त नियमों के कारण खरीदार कम हो गए हैं और उनकी कमाई प्रभावित हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में व्यापारियों के बयान सामने आए हैं कि Bakrid के समय होने वाला cattle trade ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा होता है और नए प्रतिबंधों से हजारों परिवारों की आय प्रभावित हो सकती है। सरकार का क्या कहना है? सरकार और BJP नेताओं का कहना है कि यह कोई नया कानून नहीं है, बल्कि पुराने कानूनों का पालन कराया जा रहा है। उनका दावा है कि इसका उद्देश्य illegal slaughter और cattle smuggling रोकना है, न कि किसी धर्म को निशाना बनाना। मुस्लिम संगठनों की प्रतिक्रिया कई मुस्लिम धार्मिक नेताओं ने लोगों से सरकार के नियमों का पालन करने की अपील की है। कुछ इमामों ने goat और sheep की कुर्बानी को प्राथमिकता देने की सलाह भी दी है ताकि तनाव न बढ़े

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