यह मामला दक्षिण एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को बेअसर करने और भारत द्वारा अपने पड़ोसियों—बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और भूटान—के साथ रणनीतिक व आर्थिक संबंधों को पुनर्गठित करने की 'नेबरहुड फर्स्ट' (Neighborhood First) नीति पर आधारित है।
1. बांग्लादेश में दांव और भारत का कूटनीतिक रुख
सप्लाई चेन और ऊर्जा सुरक्षा: भारत ने बांग्लादेश के साथ अडानी पॉवर प्रोजेक्ट (झारखंड से बिजली आपूर्ति), मैत्री सुपर थर्मल पावर प्लांट और अखौरा-अगरतला रेल लिंक जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत किया है।
संवेदनशील स्थिति प्रबंधन: बांग्लादेश में राजनीतिक उतार-चढ़ाव और चीनी प्रभाव के बीच, भारत ने व्यापार और सीमा सुरक्षा (BSF-BGB तालमेल) को बनाए रखते हुए कूटनीतिक संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है।
2. नेपाल में चीन का BRI पछाड़ा, भारत की एंट्री
पनबिजली (Hydropower) से मास्टरस्ट्रोक: नेपाल में चीन का बेल एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) धीमा पड़ा है, वहीं भारत ने अरुण-3 हाइड्रो प्रोजेक्ट और लोअर अरुण प्रोजेक्ट जैसी विशाल जलविद्युत परियोजनाओं पर तेजी से काम किया है।
बिजली खरीद रणनीति: भारत ने स्पष्ट किया कि वह नेपाल की केवल उन्हीं जलविद्युत परियोजनाओं से बिजली खरीदेगा जिनमें चीनी निवेश या ठेकेदार नहीं हैं। इसने नेपाल को भारत की तरफ झुकने पर मजबूर किया।
क्रॉस-बॉर्डर कनेक्टिविटी: मोतिहारी-अमलेखगंज पेट्रोलियम पाइपलाइन (दक्षिण एशिया की पहली अंतर-देशीय पाइपलाइन) और जयनगर-कुर्था रेल सेवा ने नेपाल की भारत पर आर्थिक और लॉजिस्टिकल निर्भरता को और मजबूत किया है।
3. 'गेम-चेंजर' नीतियां: व्यापार और मुद्रा
| क्षेत्र | भारत का प्रभाव व बदलाव |
| लोकल करेंसी ट्रेड (UPI/RuPay) | नेपाल और बांग्लादेश में UPI और स्वदेशी कार्ड भुगतान प्रणाली (RuPay) का विस्तार, जिससे डॉलर पर निर्भरता घटी है। |
| ट्रांजिट रूट (IMEC & BBIN) | BBIN (बांग्लादेश, भूटान, इंडिया, नेपाल) मोटर वाहन समझौते के जरिए पूर्वोत्तर भारत को सीधे बांग्लादेशी बंदरगाहों (चटगांव/मोंगला) से जोड़ना। |