🙏 गणपति बप्पा मोरया! 🙏
हे विघ्नहर्ता, हे मंगलकर्ता, हे प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश...
आज भक्त अपने घर के द्वार पर आपका इंतजार कर रहे हैं।
घर में पधारो गजानन जी, मेरे घर में पधारो...
अपने साथ सुख, शांति, समृद्धि और खुशियों का आशीर्वाद लेकर पधारो।
हे गणपति महाराज, जिस घर में आपका नाम लिया जाता है, वहां भक्तों के मन में नई उम्मीद और विश्वास जागता है। आपकी कृपा से जीवन के सभी शुभ कार्य मंगलमय हों और परिवार में प्रेम और सौहार्द बना रहे।
गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर आइए, पूरे श्रद्धा भाव से अपने गणपति बप्पा का स्वागत करें।
🌺 घर में पधारो गजानन जी...
🌺 मेरे घर में पधारो...
🌺 रिद्धि-सिद्धि संग पधारो...
🌺 गणपति बप्पा मोरया!
हे लंबोदर, हे एकदंत, हमारे जीवन से सभी विघ्न दूर करें और हमें सद्बुद्धि, शक्ति और सफलता का आशीर्वाद दें।
आपके चरणों में हमारी यही प्रार्थना है—
हमारे घर-परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखना, हर मनोकामना को शुभ दिशा देना और हर संकट में हमारा मार्गदर्शन करना।
गणपति बप्पा मोरया!
मंगल मूर्ति मोरया! 🙏🌺
गणेश स्थापना का मंत्र और पूरी पूजा-विधि चाहते हैं, तो घर पर सरल रूप से यह क्रम अपनाया जा सकता है। अलग-अलग परंपराओं में मंत्र और विधि थोड़ी अलग हो सकती है।
🕉️ गणेश स्थापना की सरल पूर्ण विधि
1. पूजा की तैयारी
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पूजा स्थान को साफ करके चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
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भगवान गणेश की प्रतिमा रखें।
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कलश, जल, अक्षत, रोली/कुमकुम, दूर्वा, फूल, मोदक/लड्डू, धूप, दीप और फल रखें।
2. संकल्प
दाहिने हाथ में थोड़ा जल, अक्षत और फूल लेकर अपनी पूजा का संकल्प करें:
“ॐ श्री गणेशाय नमः।
मम सकल-विघ्न-विनाशनपूर्वकं श्री गणेश प्रीत्यर्थं गणेश पूजनं करिष्ये।”
फिर जल छोड़ दें।
🌺 3. गणेश आवाहन मंत्र
प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर बोलें:
“ॐ गं गणपतये नमः।
आवाहयामि, स्थापयामि, पूजयामि।”
फिर श्रद्धा से कहें:
“हे गणपति महाराज, आप अपने भक्तों के घर पधारें और अपनी कृपा से इस स्थान को पवित्र करें।”
🙏 4. आसन और जल अर्पण
“ॐ गणेशाय नमः। आसनं समर्पयामि।”
इसके बाद जल अर्पित करें:
“ॐ गणेशाय नमः। अर्घ्यं समर्पयामि।
ॐ गणेशाय नमः। आचमनीयं समर्पयामि।”
🌸 5. स्नान और वस्त्र
यदि प्रतिमा पर जल चढ़ाना उचित हो तो पंचामृत या स्वच्छ जल से प्रतीकात्मक स्नान कराएं।
“ॐ गणेशाय नमः। स्नानं समर्पयामि।”
फिर वस्त्र या मौली अर्पित करें:
“ॐ गणेशाय नमः। वस्त्रं समर्पयामि।”
🌿 6. दूर्वा और पुष्प अर्पण
भगवान गणेश को दूर्वा बहुत प्रिय मानी जाती है।
“ॐ गं गणपतये नमः।”
कहते हुए दूर्वा और फूल अर्पित करें।
🪔 7. धूप और दीप
“ॐ गणेशाय नमः। धूपमाघ्रापयामि।”
“ॐ गणेशाय नमः। दीपं दर्शयामि।”
🍎 8. नैवेद्य
मोदक, लड्डू, फल या घर में उपलब्ध सात्त्विक भोजन अर्पित करें।
“ॐ गणेशाय नमः। नैवेद्यं निवेदयामि।”
फिर थोड़ी देर भगवान का ध्यान करें।
📿 9. मुख्य गणेश मंत्र
“ॐ गं गणपतये नमः।”
इस मंत्र का अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21, 51 या 108 बार जाप कर सकते हैं।
इसके बाद:
“वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभकार्येषु सर्वदा॥”
🌺 10. गणेश जी की आरती
अंत में कपूर या दीप से भगवान गणेश की आरती करें और परिवार के सभी सदस्य आरती में शामिल हों।
पूजा के अंत में हाथ जोड़कर प्रार्थना करें:
“हे गणपति बप्पा, हमारे घर में सुख, शांति, समृद्धि और सद्बुद्धि प्रदान करें। हमारे सभी शुभ कार्यों से विघ्न दूर करें और परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें। गणपति बप्पा मोरया!” 🙏