Monday, August 10, 2026

यह पूरा मामला बलूचिस्तान के जमीनी हालात और पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस (14 अगस्त) व बलूच स्वतंत्रता दिवस (11 अगस्त) के आसपास की घटनाओं से जुड़ा हुआ है: . पाकिस्तान के झंडे हटाए जाना और बलूच झंडा फहराना

यह पूरा मामला बलूचिस्तान के जमीनी हालात और पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस (14 अगस्त) व बलूच स्वतंत्रता दिवस (11 अगस्त) के आसपास की घटनाओं से जुड़ा हुआ है:

1. पाकिस्तान के झंडे हटाए जाना और बलूच झंडा फहराना

बलूचिस्तान के कई जिलों (जैसे क्वेटा, तुर्बत, पंजगुर और ग्वादर) में स्थानीय बलूच नागरिकों और अलगाववादी संगठनों द्वारा पाकिस्तान के राष्ट्रीय झंडों को उतारकर बलूचिस्तान का अपना झंडा (Balochistan Freedom Flag) फहराया गया।

  • विरोध का तरीका: 14 अगस्त (पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस) के बहिष्कार का आह्वान करते हुए बलूच राष्ट्रवादियों ने पाकिस्तानी झंडों को हटाया।

  • 11 अगस्त की प्रासंगिकता: बलूच स्वतंत्रता सेनानी 11 अगस्त 1947 को अपना वास्तविक 'स्वतंत्रता दिवस' मानते हैं (जब कलात रियासत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी), जिसे बाद में 1948 में पाकिस्तान ने कब्जा कर लिया था।

2. बलूच स्वतंत्रता आंदोलनों की प्रमुख घोषणाएं

  • BLA (Baloch Liberation Army) का अभियान: बलूच लिबरेशन आर्मी और अन्य सशस्त्र समूहों ने पाकिस्तानी सेना के चेकपोस्टों और सरकारी इमारतों से पाकिस्तानी प्रतीकों को हटाने का अभियान तेज किया है।

  • समांतर सरकार का दावा: बलूच नेताओं द्वारा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र (UN) से पाकिस्तान के अवैध कब्जे को समाप्त करने और बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की मांग उठाई जा रही है।

3. पाकिस्तान सरकार और सेना का रुख

  • सैन्य कार्रवाई और कर्फ्यू: झंडे हटाए जाने की घटनाओं के बाद पाकिस्तानी सेना ने कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कीं।

  • चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC): ग्वादर और आसपास के इलाकों में चीनी परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर पाकिस्तानी सेना दबाव में है, क्योंकि बलूच समूह CPEC का लगातार विरोध कर रहे हैं।