पाकिस्तानी भी समझ गए कि जिन्ना ने देश नहीं, बवासीर बनाया था?
पाकिस्तान को लेकर एक बेहद तीखी बहस फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं—क्या आज की बदहाली की जड़ें देश के निर्माण और शुरुआती राजनीतिक फैसलों में थीं?
1947 में मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में पाकिस्तान एक अलग राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया। लेकिन इसके बाद देश ने राजनीतिक अस्थिरता, सैन्य दखल, आर्थिक संकट और लगातार बदलती सरकारों का लंबा दौर देखा।
इसी वजह से पाकिस्तान के भीतर भी समय-समय पर इतिहास, जिन्ना की राजनीति और देश के निर्माण के फैसलों पर बहस होती रही है।
हालांकि, ‘बवासीर’ जैसी भाषा एक राजनीतिक तंज है, कोई ऐतिहासिक तथ्य नहीं। असली सवाल यह है कि पाकिस्तान आज जिन चुनौतियों से जूझ रहा है, उसके लिए जिम्मेदार कौन है—इतिहास, सत्ता का ढांचा, सैन्य राजनीति या दशकों की नीतियां?
तो क्या पाकिस्तान अपने अतीत पर दोबारा सवाल उठा रहा है? और क्या आने वाले समय में वहां जिन्ना की विरासत पर बहस और तेज होगी?
आप क्या सोचते हैं—पाकिस्तान की आज की हालत के लिए सबसे बड़ी वजह क्या है?