Wednesday, September 9, 2026

ठाकरे के बेटे ने कॉलेज से उतार फेंकी मोदी की फोटो, मचा बवाल तो Police ने कर दिया इलाज! महाराष्ट्र की राजनीति में एक तस्वीर ने ऐसा बवाल मचा दिया है कि मामला अब पुलिस तक पहुंच चुका है। पुणे के एक सरकारी कॉलेज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे विवादों में घिर गए हैं।

ठाकरे के बेटे ने कॉलेज से उतार फेंकी मोदी की फोटो, मचा बवाल तो Police ने कर दिया इलाज!

महाराष्ट्र की राजनीति में एक तस्वीर ने ऐसा बवाल मचा दिया है कि मामला अब पुलिस तक पहुंच चुका है।

पुणे के एक सरकारी कॉलेज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे विवादों में घिर गए हैं।

बताया जा रहा है कि अमित ठाकरे कॉलेज पहुंचे थे। इसी दौरान प्रोफेसर के कार्यालय में लगी प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर उन्होंने आपत्ति जताई और तस्वीर हटवा दी।

इसके बाद मामला यहीं नहीं रुका।

घटना को लेकर कॉलेज प्रशासन की तरफ से शिकायत की गई और पुलिस ने अमित ठाकरे समेत करीब 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। यानी जो तस्वीर कुछ देर पहले एक कमरे की दीवार पर थी, वही अब महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गई।

बीजेपी ने इस पूरे मामले पर विरोध जताया और सवाल उठाए कि आखिर एक सरकारी संस्थान में प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने की जरूरत क्यों पड़ी?

वहीं इस विवाद के बीच राज ठाकरे ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सरकारी कार्यालय में प्रधानमंत्री की तस्वीर होनी चाहिए क्योंकि वह देश के प्रधानमंत्री हैं।

हालांकि राज ठाकरे ने तस्वीरों की जगह को लेकर भी अपनी अलग राय रखी। उनका कहना था कि छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले जैसे महान ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के साथ प्रधानमंत्री की तस्वीर एक ही कतार में नहीं होनी चाहिए।

अब इस पूरे मामले ने महाराष्ट्र की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

सवाल ये है कि क्या सरकारी संस्थानों में नेताओं की तस्वीरों को लेकर कोई स्पष्ट नियम होना चाहिए?

और क्या किसी राजनीतिक नेता को कॉलेज या सरकारी कार्यालय में जाकर ऐसी तस्वीर हटाने का अधिकार है?

फिलहाल एक तस्वीर हटाने से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस केस, बीजेपी के विरोध और ठाकरे परिवार की प्रतिक्रिया तक पहुंच चुका है।

आने वाले दिनों में ये मामला महाराष्ट्र की राजनीति में और कितना बड़ा रूप लेता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।