Nepal Flash Flood: नेपाल में 'मसीहा' बने Sonu Sood, Baba Bageshwar कर रहे लोगों की मदद
नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने हजारों परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी है।
26 अगस्त को आई इस विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल के कई इलाकों में घर, सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं। हजारों लोग अब भी लापता हैं और राहत-बचाव का काम लगातार जारी है।
लेकिन इस मुश्किल वक्त में भारत से मदद के हाथ नेपाल की तरफ बढ़ रहे हैं।
सबसे पहले बात करते हैं बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की।
कोरोना के समय जरूरतमंदों की मदद के लिए चर्चित हुए सोनू सूद इस बार भी सिर्फ सोशल मीडिया पर संवेदना जताने तक नहीं रुके। वह अपनी टीम के साथ खुद नेपाल पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री बांटी।
उनकी Sood Charity Foundation की टीम भारत से खाना, कंबल और दूसरी जरूरी चीजें लेकर नेपाल पहुंची। सोनू सूद ने प्रभावित लोगों से मुलाकात की और कहा कि आने वाले महीनों में भी उनकी मदद जारी रखने की कोशिश की जाएगी।
लेकिन सोनू सूद का मिशन सिर्फ राहत सामग्री बांटने तक सीमित नहीं है।
नेपाल पहुंचकर उन्होंने बाढ़ से बेघर हुए लोगों के लिए “Resolve to Build a Home” यानी एक घर बनाने के संकल्प जैसे अभियान का प्रस्ताव भी रखा है।
उनका कहना है कि इस संकट के समय ज्यादा से ज्यादा लोगों को आगे आकर मदद करनी चाहिए और प्रभावित परिवारों को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने की कोशिश करनी चाहिए।
अब बात उस शख्स की, जिसका नाम नेपाल में राहत कार्य के साथ सामने आ रहा है—बागेश्वर बाबा।
बागेश्वर धाम की ओर से भी नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री भेजी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक चार ट्रक राहत सामग्री नेपाल भेजी गई, जिसके लिए नेपाली सरकार की ओर से आभार जताया गया।
यानी एक तरफ सोनू सूद खुद प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों का हाथ थाम रहे हैं, तो दूसरी तरफ बागेश्वर धाम की ओर से भी राहत सामग्री भेजकर जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
और यह सिर्फ दो लोगों की कहानी नहीं है।
यह कहानी है उस मानवीय रिश्ते की, जो भारत और नेपाल के बीच सदियों से चला आ रहा है।
क्योंकि जब प्राकृतिक आपदा आती है, तब न कोई धर्म देखा जाता है, न सीमा और न राजनीति।
सामने होता है सिर्फ एक इंसान—जिसे मदद की जरूरत है।
भारत सरकार भी नेपाल के राहत और बचाव प्रयासों में सहायता कर रही है। भारत की ओर से राहत सामग्री के साथ मेडिकल और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद भी पहुंचाई गई है।
और नेपाल की स्थिति अभी भी बेहद गंभीर है।
हजारों लोग लापता हैं, कई इलाकों में मलबा जमा है और बचाव दल लगातार सुरंगों तथा दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे वक्त में सोनू सूद का प्रभावित लोगों के बीच पहुंचना और बागेश्वर धाम की ओर से राहत सामग्री भेजना एक बड़ा मानवीय संदेश देता है।
सीधी बात ये है—
आपदा की घड़ी में सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है।
नेपाल आज मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे में जो भी मदद का हाथ बढ़ा रहा है, वह किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की उम्मीद को मजबूत कर रहा है।
सोनू सूद हों, बागेश्वर धाम हो या भारत की सरकारी राहत टीमें—
नेपाल को इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत है साथ की, सहारे की और इंसानियत की।
और शायद यही भारत-नेपाल रिश्ते की सबसे खूबसूरत तस्वीर है—
मुसीबत नेपाल की है, लेकिन दर्द भारत भी महसूस कर रहा है।
आप इस पूरे राहत अभियान को किस नजर से देखते हैं?
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