अमेरिका पहले! US के फैसले से हिला Indian IT Sector, TCS-Infosys पर PERM का शिकंजा | Full Hindi News
नमस्कार दोस्तों! आप देख रहे हैं हमारी खास रिपोर्ट। अमेरिका से भारतीय आईटी सेक्टर को लेकर एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने TCS, Infosys, Wipro और HCLTech जैसी बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी सरकार ने 8 अक्टूबर 2026 को आठ बड़ी टेक कंपनियों को PERM कार्यक्रम से निलंबित करने का ऐलान किया। इस सूची में भारत की कई प्रमुख आईटी कंपनियां भी शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और विदेशी कर्मचारियों से जुड़े इमिग्रेशन कार्यक्रमों में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए उठाया गया है। <Cite refs={["turn763507news2","turn763507news6"]}/>
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर PERM क्या है? भारत की आईटी कंपनियों पर इसका क्या असर पड़ेगा? क्या अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों की नौकरी खतरे में आ जाएगी? और क्या अब ग्रीन कार्ड हासिल करना पहले से ज्यादा मुश्किल हो सकता है?
आइए, एक-एक करके पूरी खबर समझते हैं।
दोस्तों, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की नीति में अमेरिकी कर्मचारियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जा रहा है। इसी सोच के तहत विदेशी कर्मचारियों की भर्ती और इमिग्रेशन से जुड़े कार्यक्रमों की जांच तेज की गई है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और श्रम विभाग के अधिकारियों ने इस कार्रवाई की घोषणा की। प्रशासन का आरोप है कि कुछ कंपनियां विदेशी कर्मचारियों की भर्ती के जरिए अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार के अवसरों और वेतन पर असर डाल सकती हैं। हालांकि, इन आरोपों को संबंधित कंपनियों के खिलाफ सिद्ध अपराध मान लेना सही नहीं होगा; जांच और आधिकारिक निष्कर्षों के बीच अंतर समझना जरूरी है। <Cite refs={["turn763507news6","turn763507news3"]}/>
अब समझिए PERM का पूरा मामला।
PERM यानी Permanent Labor Certification, अमेरिकी रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। सामान्य तौर पर इस प्रक्रिया में नियोक्ता को यह दिखाना होता है कि संबंधित पद के लिए योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं या भर्ती से अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन और काम की परिस्थितियों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
जब किसी कंपनी को इस प्रक्रिया में आगे बढ़ने की अनुमति मिलती है, तो पात्र विदेशी कर्मचारी के लिए रोजगार-आधारित स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड की दिशा में आगे बढ़ना संभव हो सकता है।
लेकिन अब अमेरिकी श्रम विभाग ने प्रभावित कंपनियों से जुड़े नए PERM आवेदन स्वीकार करने और लंबित आवेदनों की प्रक्रिया रोकने की बात कही है। यही वह कदम है, जिसने भारतीय आईटी कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता पैदा कर दी है। <Cite refs={["turn763507news2","turn763507news1"]}/>
ads