जम्मू-कश्मीर के रियासी में स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब रेलवे ब्रिज को देखने के लिए इन दिनों भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। खास बात ये है कि अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले हजारों श्रद्धालु भी इस ऐतिहासिक पुल का दीदार करने के लिए रुक रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस पुल की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं, जहां श्रद्धालु इसकी भव्यता को कैमरे में कैद करते नजर आ रहे हैं।
अमरनाथ यात्रा के दौरान रियासी जिले से गुजरने वाले श्रद्धालु अब सिर्फ बाबा बर्फानी के दर्शन ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज को देखने का भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं। चिनाब नदी पर बना यह विशाल स्टील आर्च ब्रिज अपनी ऊंचाई और इंजीनियरिंग के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है।
ब्रिज के आसपास सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ देखी जा रही है। कई लोग यहां रुककर फोटो और सेल्फी ले रहे हैं, जबकि कुछ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
चिनाब रेलवे ब्रिज भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का शानदार उदाहरण माना जा रहा है। यह पुल चिनाब नदी से करीब 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है, जो पेरिस के एफिल टॉवर से भी ऊंचा बताया जाता है। इस ब्रिज का निर्माण उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के तहत किया गया है, जिससे कश्मीर घाटी का रेल संपर्क और मजबूत हुआ है।
यात्रियों का कहना है कि उन्होंने इस पुल के बारे में काफी सुना था, लेकिन इसे सामने देखकर वे इसकी भव्यता से अभिभूत हो गए। कई श्रद्धालुओं ने इसे भारत के विकास और आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतीक बताया।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस और सुरक्षाबल लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अमरनाथ यात्रा और चिनाब ब्रिज की लोकप्रियता से इलाके में पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिला है। होटल, ढाबों और स्थानीय दुकानों पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिल रही है।
दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज के रूप में पहचान बना चुका चिनाब रेलवे ब्रिज अब सिर्फ एक इंजीनियरिंग चमत्कार नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है। अमरनाथ यात्रा के साथ-साथ इस ऐतिहासिक पुल की एक झलक देखने के लिए हर दिन बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।