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India भरोसेमंद, China की भारी बेइज्जती! Phone की बात कर America ने जीता भारत का दिल!"
क्या दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियां अब चीन से दूरी बना रही हैं?
क्या अमेरिका ने पहली बार खुले मंच से भारत को सबसे भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर बता दिया?
और आखिर स्मार्टफोन की एक रिपोर्ट ने चीन की क्यों बढ़ा दी टेंशन?
आइए जानते हैं पूरी कहानी...
VO-1
दुनिया की टेक इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
सालों तक स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा केंद्र रहा चीन अब पहले जैसी स्थिति में नहीं दिखाई दे रहा।
कई वैश्विक कंपनियां अपनी सप्लाई चेन को चीन से बाहर ले जाने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
और इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा भारत को मिलता दिख रहा है।
VO-2
हाल ही में अमेरिका के कई उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता की तारीफ की।
उनका कहना है कि भारत तेजी से एक भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर बनकर उभर रहा है।
खासतौर पर मोबाइल फोन, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
VO-3
भारत में आज Apple, Samsung, Foxconn, Tata Electronics और कई बड़ी कंपनियां बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं।
iPhone की मैन्युफैक्चरिंग भी अब भारत में तेजी से बढ़ रही है।
भारत से दुनिया के कई देशों में स्मार्टफोन का निर्यात लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।
यही वजह है कि भारत अब सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि एक बड़ा उत्पादन केंद्र भी बनता जा रहा है।
VO-4
दूसरी तरफ चीन कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।
बढ़ती उत्पादन लागत...
अमेरिका-चीन व्यापार तनाव...
और कई देशों की "China Plus One" रणनीति ने चीन पर दबाव बढ़ा दिया है।
अब कंपनियां सिर्फ चीन पर निर्भर रहने के बजाय भारत, वियतनाम और अन्य देशों में भी फैक्ट्रियां स्थापित कर रही हैं।
VO-5
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को सबसे बड़ा फायदा उसकी युवा कार्यशक्ति, विशाल घरेलू बाजार और सरकार की उत्पादन प्रोत्साहन यानी PLI जैसी योजनाओं से मिल रहा है।
इसी कारण भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लगातार बढ़ रही है।
VO-6
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि चीन की मैन्युफैक्चरिंग खत्म हो गई है।
आज भी चीन दुनिया का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब है।
लेकिन पहली बार भारत को एक मजबूत विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
यही बदलाव वैश्विक सप्लाई चेन की नई तस्वीर पेश कर रहा है।
तो क्या आने वाले वर्षों में भारत दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग हब बन पाएगा?
क्या कंपनियां चीन की जगह भारत पर ज्यादा भरोसा करेंगी?
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