❝जहाँ हमारा स्वार्थ समाप्त होता हे, वही से हमारी इंसानियत आरम्भ होती है।❜❜

 ❝जहाँ हमारा स्वार्थ समाप्त होता हे, 


वही से हमारी इंसानियत आरम्भ होती है।❜❜