आईने में खड़ा वो शख्स, आज तुझसे तेरा हिसाब मांगता है, तूने जो कत्ल किए अपने ख्वाबों के, उनका जवाब मांगता है। कब तक बहाने बनाएगा दुनिया के सामने तू? तेरा वजूद आज तुझसे ही अपनी पहचान मांगता है।

 आईने में खड़ा वो शख्स, 

आज तुझसे तेरा हिसाब मांगता है,


तूने जो कत्ल किए अपने ख्वाबों के, 

उनका जवाब मांगता है।


कब तक बहाने बनाएगा दुनिया के सामने तू?

तेरा वजूद आज तुझसे ही अपनी पहचान मांगता है।