Bangladesh Border पर हालात को लेकर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। भारत-बांग्लादेश सीमा के कई हिस्सों में घुसपैठ, तस्करी और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए BSF ने निगरानी और फेंसिंग तेज कर दी है। खासकर West Bengal के North 24 Parganas, Malda, Nadia और Siliguri बेल्ट में बार्ब्ड वायर फेंसिंग और फ्लडलाइटिंग का काम तेजी से बढ़ाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत-बांग्लादेश सीमा करीब 4096 किमी लंबी है, जिसमें अब भी कुछ हिस्से नदी, दलदल, जंगल और आबादी वाले इलाकों की वजह से पूरी तरह फेंस नहीं हो पाए हैं। इसी कारण कई जगहों को “porous border” माना जाता है। हाल के हफ्तों में West Bengal सरकार ने BSF को सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया तेज की है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इससे अवैध घुसपैठ और cross-border crime पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि सीमावर्ती गांवों के लोग खुद सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि कई इलाकों में रात के समय संदिग्ध गतिविधियों और अवैध आवाजाही की शिकायतें बढ़ी हैं। वहीं दूसरी ओर, Bangladesh की तरफ से कई बार सीमा पर फेंसिंग और BSF की कार्रवाई को लेकर आपत्तियां भी उठती रही हैं। सीमा पर फायरिंग, घुसपैठ और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दे दोनों देशों के बीच संवेदनशील विषय बने हुए हैं