1947 के बाद पहली बार Pakistan ने बदले शहरों के नाम? Lahore में फिर बना ‘कृष्ण नगर’! 🇵🇰😲 6 Pakistan के Lahore में स्थित पुराने इलाके “Islam Pura” को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि Pakistan ने 1947 के बाद पहली बार किसी इलाके का नाम बदलकर फिर से “Krishna Nagar” कर दिया। असल में यह मामला नया नहीं है। Lahore का यह इलाका विभाजन से पहले “Krishna Nagar” कहलाता था, जहां बड़ी संख्या में हिंदू परिवार रहते थे। 1947 के बाद इसका नाम बदलकर “Islam Pura” कर दिया गया था। हाल के वर्षों में स्थानीय स्तर पर पुराने ऐतिहासिक नाम “Krishna Nagar” को सांस्कृतिक पहचान के तौर पर दोबारा इस्तेमाल करने की मांग उठी थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि प्रशासन ने इलाके की ऐतिहासिक पहचान को मान्यता देने पर विचार किया। हालांकि पूरे शहर का नाम नहीं बदला गया, बल्कि यह एक पुराने मोहल्ले/इलाके के नाम को लेकर चर्चा थी। क्यों हो रही है चर्चा? Partition से पहले Lahore में हिंदू और सिख समुदाय की बड़ी आबादी थी। कई इलाकों के नाम धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े थे। अब heritage preservation को लेकर Pakistan में कुछ जगहों पर पुराने नामों और इमारतों पर चर्चा बढ़ी है। सोशल मीडिया में क्या दावा? कई वायरल पोस्ट्स में इसे “Pakistan की बड़ी U-turn” या “इतिहास की वापसी” बताया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर पूरे Lahore का नाम बदलने जैसी कोई बात नहीं हुई। यह मामला ज़्यादातर एक ऐतिहासिक इलाके की पहचान और heritage recognition से जुड़ा हुआ है।

1947 के बाद पहली बार Pakistan ने बदले शहरों के नाम? Lahore में फिर बना ‘कृष्ण नगर’! 🇵🇰😲 6 Pakistan के Lahore में स्थित पुराने इलाके “Islam Pura” को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि Pakistan ने 1947 के बाद पहली बार किसी इलाके का नाम बदलकर फिर से “Krishna Nagar” कर दिया। असल में यह मामला नया नहीं है। Lahore का यह इलाका विभाजन से पहले “Krishna Nagar” कहलाता था, जहां बड़ी संख्या में हिंदू परिवार रहते थे। 1947 के बाद इसका नाम बदलकर “Islam Pura” कर दिया गया था। हाल के वर्षों में स्थानीय स्तर पर पुराने ऐतिहासिक नाम “Krishna Nagar” को सांस्कृतिक पहचान के तौर पर दोबारा इस्तेमाल करने की मांग उठी थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि प्रशासन ने इलाके की ऐतिहासिक पहचान को मान्यता देने पर विचार किया। हालांकि पूरे शहर का नाम नहीं बदला गया, बल्कि यह एक पुराने मोहल्ले/इलाके के नाम को लेकर चर्चा थी। क्यों हो रही है चर्चा? Partition से पहले Lahore में हिंदू और सिख समुदाय की बड़ी आबादी थी। कई इलाकों के नाम धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े थे। अब heritage preservation को लेकर Pakistan में कुछ जगहों पर पुराने नामों और इमारतों पर चर्चा बढ़ी है। सोशल मीडिया में क्या दावा? कई वायरल पोस्ट्स में इसे “Pakistan की बड़ी U-turn” या “इतिहास की वापसी” बताया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर पूरे Lahore का नाम बदलने जैसी कोई बात नहीं हुई। यह मामला ज़्यादातर एक ऐतिहासिक इलाके की पहचान और heritage recognition से जुड़ा हुआ है।