Wednesday, September 16, 2026

नमस्कार! भारत की डिजिटल ताकत UPI अब दुनिया के सामने अपनी नई पहचान बना रहा है। जिस UPI ने भारत में कैशलेस पेमेंट को बेहद आसान बना दिया, उसका अंतरराष्ट्रीय विस्तार लगातार बढ़ रहा है। अगस्त 2026 में UPI ने अपने लॉन्च के 10 साल पूरे किए और सरकार के मुताबिक यह अब 11 देशों में ऑपरेशनल है।

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नमस्कार! भारत की डिजिटल ताकत UPI अब दुनिया के सामने अपनी नई पहचान बना रहा है।

जिस UPI ने भारत में कैशलेस पेमेंट को बेहद आसान बना दिया, उसका अंतरराष्ट्रीय विस्तार लगातार बढ़ रहा है। अगस्त 2026 में UPI ने अपने लॉन्च के 10 साल पूरे किए और सरकार के मुताबिक यह अब 11 देशों में ऑपरेशनल है।

अब चर्चा अमेरिका से जुड़े UPI कनेक्शन को लेकर भी तेज है। हालांकि इसे यह कहना सही नहीं होगा कि पूरे अमेरिका में हर दुकान पर भारतीय UPI सीधे चलने लगा है। फिलहाल अमेरिका में UPI की स्वीकार्यता भारत जैसी व्यापक नहीं है।

लेकिन भारत की डिजिटल पेमेंट टेक्नोलॉजी का ग्लोबल विस्तार जरूर तेजी से हो रहा है। NPCI International लगातार दूसरे देशों के पेमेंट सिस्टम और इंटरनेशनल मर्चेंट नेटवर्क के साथ इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने पर काम कर रहा है।

भारत में UPI की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगस्त 2026 में UPI ने करीब 24.5 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग ₹29.8 लाख करोड़ रही।

यानी जिस सिस्टम को भारत ने 2016 में शुरू किया था, वह अब सिर्फ देश की पेमेंट व्यवस्था नहीं रहा, बल्कि भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की एक बड़ी मिसाल बन चुका है।

अब सवाल है—क्या आने वाले समय में UPI और अमेरिकी पेमेंट नेटवर्क के बीच कनेक्टिविटी और बढ़ेगी? अगर ऐसा होता है, तो भारत से अमेरिका जाने वाले लोगों और दोनों देशों के बीच डिजिटल पेमेंट एवं रेमिटेंस के लिए नए विकल्प खुल सकते हैं।

भारत का UPI—देश से दुनिया तक डिजिटल पेमेंट की कहानी लिख रहा है।

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