भारत और नेपाल के बीच रिश्तों को एक बार फिर मजबूत और गर्मजोशी भरा बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर कनाल के भारत दौरे के दौरान रेल कनेक्टिविटी और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए हैं। 00:07 Opens in a new window Bharat Tak की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले की मुख्य बातें इस प्रकार हैं: 1. नेपाल से अयोध्या तक चलेगी ट्रेन नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर कनाल ने बताया कि दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई एंट्री पॉइंट्स पर चर्चा हुई है। 00:36 Opens in a new window ट्रेन के जरिए दो एंट्री पॉइंट्स का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें से एक जनकपुर में है। 00:42 Opens in a new window उन्होंने उम्मीद जताई है कि बहुत जल्द जनकपुर से अयोध्या के बीच रेल कनेक्टिविटी शुरू हो जाएगी। इसका तकनीकी काम पूरा हो चुका है और अब इसे केवल ऑपरेशनल (शुरू) करना बाकी है। 00:49 Opens in a new window 2. पीएम/नेताओं के भारत दौरे पर क्या कहा? जब विदेश मंत्री से पूछा गया कि नेपाल के प्रधानमंत्री का भारत दौरा कब होगा, तो उन्होंने कहा कि यह उनका पहला आधिकारिक और उच्च स्तरीय दौरा है। 01:05 Opens in a new window उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरे के बाद अब दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर (Highest Level) के नेताओं के दौरों की शुरुआत होगी और यह दोनों देशों के बीच नियमित रूप से देखने को मिलेगा। 01:11 Opens in a new window 3. कई अहम प्रोजेक्ट्स और समझौतों (MoUs) पर मुहर नेपाल के विदेश मंत्री के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच तकनीकी और सांस्कृतिक स्तर पर कई बड़े कदम उठाए गए: 01:25 Opens in a new window प्रोजेक्ट्स का हैंडओवर: भारत ने साल 2015 के भूकंप के बाद पुनर्निर्माण कार्यक्रम के तहत नेपाल को वर्चुअली 72 हेल्थ फैसिलिटी सेंटर और 12 कल्चरल हेरिटेज प्रोजेक्ट्स सौंपे हैं। 01:38 Opens in a new window डिजिटल पेमेंट (UPI): दोनों देशों ने संयुक्त रूप से नेपाल में UPI (NPCI) को लॉन्च किया, जो भारत और नेपाल के पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ेगा। 01:50 Opens in a new window डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत के 'डिजिटल इंडिया भाषणी' और काठमांडू यूनिवर्सिटी के बीच नेपाल में नेशनल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए एक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 01:59 Opens in a new window नेपाल के विदेश मंत्री का यह बयान कि "जो भी विवाद हैं, उन्हें बैठकर सुलझा लिया जाएगा", यह साफ संकेत देता है कि पिछले कुछ समय से भारत-नेपाल रिश्तों में आई खटास को दूर कर दोनों देश अब आगे बढ़ना चाहते हैं।