“वापस आ रही”, India से Sheikh Hasina का Bangladesh पर ऐलान, Dhaka में खलबली
एंकर इंट्रो:
भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने ऐसा ऐलान किया है जिसने ढाका की राजनीति में हलचल मचा दी है। हसीना ने साफ कहा है कि वह इसी साल बांग्लादेश लौटेंगी और उन्हें मौत या सजा का डर नहीं है। उनके इस बयान के बाद बांग्लादेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।
स्टोरी:
करीब दो साल पहले सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत में रह रही शेख हसीना ने पहली बार अपनी वापसी की समयसीमा तय कर दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह सभी बाधाओं और साजिशों को पार करते हुए 2026 के भीतर बांग्लादेश लौटेंगी।
हसीना ने कहा कि उन्हें मौत का कोई डर नहीं है और उनका उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि बांग्लादेश में लोकतंत्र, कानून का राज और राजनीतिक अधिकारों की बहाली है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी Bangladesh Awami League को प्रतिबंधों से खत्म नहीं किया जा सकता क्योंकि उसकी जड़ें देश की जनता में हैं।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। इसके बाद वह भारत आ गईं। बाद में बांग्लादेश की अदालत ने उनके खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई की और उन्हें अनुपस्थिति में सजा भी सुनाई गई, जिसे हसीना राजनीतिक प्रतिशोध बता रही हैं।
हसीना के इस बयान पर बांग्लादेश के सत्तारूढ़ खेमे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरकार समर्थक नेताओं का कहना है कि यह बयान मौजूदा राजनीतिक माहौल पर दबाव बनाने की कोशिश है, जबकि हसीना समर्थकों का दावा है कि उनकी वापसी से देश की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शेख हसीना वास्तव में बांग्लादेश लौटने की कोशिश करती हैं, तो इससे भारत-बांग्लादेश संबंधों और देश की आंतरिक राजनीति दोनों पर असर पड़ सकता है। हाल के महीनों में चीन के बढ़ते प्रभाव और ढाका की बदलती विदेश नीति के बीच यह घटनाक्रम और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या शेख हसीना अपने ऐलान के मुताबिक बांग्लादेश लौट पाएंगी, या फिर कानूनी और राजनीतिक चुनौतियां उनकी राह रोक देंगी। फिलहाल इतना तय है कि उनके एक बयान ने ढाका की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।
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