भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया' (Make in India) प्रोग्राम के तहत भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है 00:00 Opens in a new window । भारत की दिग्गज कमर्शियल व्हीकल निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और दुबई के प्रीमियम ट्रांसपोर्ट मार्केट में अपना जबरदस्त दबदबा कायम किया है 00:25 Opens in a new window ।Railgadh के इस वीडियो के अनुसार, इस मेगा डील और इसकी खासियतों की पूरी कहानी नीचे दी गई है:1. मेगा डील का आर्थिक गणित (₹525 करोड़ का ऑर्डर)कुल वाहन: अशोक लेलैंड ने यूएई के बड़े कॉर्पोरेट घरानों और नामी स्कूलों के लिए 1400 से ज्यादा हाई-टेक बसों की डिलीवरी पूरी की है 00:39 Opens in a new window ।एक बस की कीमत: प्रति बस की कीमत करीब 45,000 अमेरिकी डॉलर (भारतीय रुपए में लगभग ₹37 लाख) है 01:35 Opens in a new window ।कुल डील वैल्यू: इस हिसाब से इस पूरे ऑर्डर की कुल वैल्यू ₹525 करोड़ से भी ज्यादा बैठती है 01:41 Opens in a new window ।2. दुबई भेजी गई बसों की मुख्य सीरीजयह बसें अशोक लेलैंड के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित दो सबसे मशहूर प्लेटफॉर्म्स पर तैयार की गई हैं 01:47 Opens in a new window :फेल्कन (Falcon Series): यह अपनी मजबूती, बड़े केबिन स्पेस और भारी संख्या में यात्रियों को ले जाने की क्षमता के लिए जानी जाती है। खाड़ी देशों में इसकी मांग सबसे ज्यादा है 01:53 Opens in a new window 。ऑइस्टर (Oyster Series): यह अपने आधुनिक लुक, प्रीमियम फीचर्स और आरामदायक सफर के लिए जानी जाती है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से स्कूलों और स्टाफ कम्यूट के लिए किया जाता है 02:10 Opens in a new window ।3. खास यूएई के लिए तैयार की गई 'स्पेशल टेक्नोलॉजी'दुबई के कड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनों और वहां के मौसम को देखते हुए इन बसों में विशेष बदलाव किए गए हैं 00:51 Opens in a new window :लेफ्ट हैंड ड्राइव (LHD): भारत में गाड़ियां राइट हैंड ड्राइव होती हैं, लेकिन यूएई के यातायात नियमों के अनुसार इन सभी 1400 बसों को स्पेशल लेफ्ट हैंड ड्राइव कॉन्फ़िगरेशन के साथ बनाया गया है 02:23 Opens in a new window ।50°C तापमान झेलने की क्षमता: खाड़ी देशों के रेगिस्तानी इलाकों में गर्मी में तापमान $50^\circ\text{C}$ के पार चला जाता है। इसके लिए बसों में हाई कैपेसिटी कूलिंग एसी सिस्टम लगाया गया है, जो बाहर की भयंकर गर्मी के बावजूद कुछ ही सेकेंड्स में अंदर के तापमान को बेहद ठंडा कर देता है 02:48 Opens in a new window ।सख्त सुरक्षा मानक: इन बसों में गल्फ काउंसिल कॉर्पोरेशन (GCC) के कड़े सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है, जिसमें एंटी-ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), फायर प्रोटेक्शन सिस्टम और बच्चों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन जैसे फीचर्स शामिल हैं 02:32 Opens in a new window ।4. यूरोप को लगा बड़ा झटका (जियोपॉलिटिक्स)दुबई और यूएई के इस स्कूल व कॉर्पोरेट ट्रांसपोर्ट मार्केट पर लंबे समय से यूरोपीय कंपनियों का राज था 03:23 Opens in a new window । लेकिन अशोक लेलैंड ने अपनी बेहतरीन भारतीय क्वालिटी, एडवांस स्टैंडर्ड्स और कम कीमत (Competitive Pricing) के दम पर यूरोपीय कंपनियों को पूरी तरह रिप्लेस कर दिया है, जिससे यूरोपीय देशों के बाजारों में चिंता बढ़ गई है 03:28 Opens in a new window ।