प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुजरात के हजीरा में L&T (लार्सन एंड टुब्रो) के मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स दौरे की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है, जिसमें वे एक विशालकाय स्वदेशी न्यूक्लियर स्टीम जनरेटर के सामने खड़े नजर आ रहे हैं। 00:12 Opens in a new window इस स्वदेशी न्यूक्लियर स्टीम जनरेटर और पीएम मोदी के इस दौरे से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं: 700 मेगावाट की क्षमता: भारत की दिग्गज कंपनी L&T ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल करके 700 मेगावाट (MW) क्षमता वाले इस न्यूक्लियर स्टीम जनरेटर का निर्माण किया है। 00:48 Opens in a new window क्या काम करता है यह जनरेटर? यह एक बेहद जटिल और विशाल 'हीट एक्सचेंजर' (Heat Exchanger) होता है। यह परमाणु रिएक्टर (Nuclear Reactor) से निकलने वाली भयंकर गर्मी को पानी तक पहुंचाता है, जिससे पानी हाई-प्रेशर भाप (Steam) में बदल जाता है। यही भाप बड़े-बड़े टरबाइनों को घुमाकर बिजली पैदा करती है। 01:02 Opens in a new window भविष्य के न्यूक्लियर प्लांट्स की रीढ़: इस स्टीम जनरेटर को खास तौर पर भारत के स्वदेशी 700 MW प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर (PHWR) के लिए डिजाइन किया गया है। आने वाले समय में यही रिएक्टर भारत के परमाणु ऊर्जा विस्तार की मुख्य रीढ़ बनने वाले हैं। 01:20 Opens in a new window विदेशी निर्भरता का खात्मा: अब तक भारत को न्यूक्लियर ग्रेड मैन्युफैक्चरिंग और हैवी फोर्जिंग जैसे हाई-एंड उपकरणों के लिए काफी हद तक विदेशी तकनीक और ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस निर्माण के बाद भारत अब इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो गया है। 01:52 Opens in a new window पीएम मोदी का इस प्लांट में पहुंचना और इस विशालकाय मशीनरी का मुआयना करना केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की बढ़ती ताकत का एक बड़ा प्रतीक है। 02:22 Opens in a new window अधिक जानकारी के लिए आप Bharat Tak की यह वीडियो रिपोर्ट देख सकते हैं।