India.com की इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वैकल्पिक और स्वदेशी ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आधिकारिक तौर पर 100 प्रतिशत एथेनॉल (E100) ईंधन के इस्तेमाल को कानूनी मान्यता देने वाले नियमों को मंजूरी दे दी है। 00:43 Opens in a new window इस बड़े फैसले और वीडियो से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: 📄 फैसले से जुड़ी मुख्य बातें: फाइल पर हस्ताक्षर: नितिन गडकरी ने बताया कि उन्होंने शनिवार रात 8:00 बजे उस महत्वपूर्ण फाइल पर साइन किए, जिससे देश में 100% एथेनॉल ईंधन के नियमों को कानूनी रूप से मंजूरी मिल गई। 01:20 Opens in a new window आयात पर निर्भरता होगी कम: भारत हर साल पेट्रोलियम ईंधन के आयात (Import) पर करीब ₹22 लाख करोड़ खर्च करता है। वैश्विक अनिश्चितताओं और तेल संकट के बीच इस फैसले से भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता काफी कम होगी और देश आत्मनिर्भर बनेगा। 01:34 Opens in a new window पेट्रोल का बेहतरीन विकल्प: आने वाले समय में देश में ऐसी गाड़ियां और मोटरसाइकिलें सड़कों पर दौड़ेंगी जो पूरी तरह (100%) सिर्फ एथेनॉल पर चलेंगी, यानी उपभोक्ताओं को उनमें पेट्रोल डलवाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। 00:59 Opens in a new window 🚗 कौन सी कंपनियां ला रही हैं 100% एथेनॉल गाड़ियां? नितिन गडकरी ने खुद अपने बयान में उन ऑटोमोबाइल कंपनियों का जिक्र किया जो जल्द ही अपने एथेनॉल वेरिएंट्स (Flex-Fuel Vehicles) बड़े स्तर पर बाजार में उतारने जा रही हैं: 01:06 Opens in a new window Maruti Suzuki: कंपनी अपनी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार Wagon R का 100% एथेनॉल मॉडल पेश कर चुकी है। 02:10 Opens in a new window Hero MotoCorp: हीरो कंपनी अपनी दो मोटरसाइकिलें 100% एथेनॉल (फ्लेक्स फ्यूल) पर लॉन्च कर चुकी है। 02:17 Opens in a new window अन्य दिग्गज कंपनियां: Toyota, Suzuki, MG Hector और Hyundai जैसी तमाम बड़ी कंपनियां आने वाले डेढ़ से दो महीने के भीतर अपनी 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी में हैं। 02:25 Opens in a new window 💡 भ्रामक प्रचार से बचने की सलाह: नितिन गडकरी ने एक मजेदार किस्सा साझा करते हुए बताया कि कुछ लोग एथेनॉल को लेकर दुष्प्रचार भी कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि एथेनॉल को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें गलत हैं। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (कार, बस, ट्रैक्टर, ट्रक) की सफलता के बाद अब 'एथेनॉल युग' भारत के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है।