रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में दुनिया की प्रमुख समाचार एजेंसियों के साथ बातचीत के दौरान अमेरिका और पश्चिमी देशों को एक कड़ा और साफ संदेश दिया है पुतिन ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ करते हुए अमेरिका की दबाव बनाने की राजनीति पर करारा प्रहार किया है Bharat Tak के इस वीडियो के अनुसार, पुतिन के इस बड़े बयान की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं: 1. "पीएम मोदी पर दबाव बनाना नामुमकिन" पुतिन ने सीधे तौर पर कहा कि अमेरिका और कुछ पश्चिमी देश कुछ क्षेत्रों (जैसे रूस से तेल या व्यापार न करने) में भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "नरेंद्र मोदी पर दबाव डालना—जो दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश का नेतृत्व करते हैं—अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए हानिकारक (Detrimental) है और अब हर कोई यह समझ चुका है कि उन पर दबाव नहीं बनाया जा सकता"। पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी हमेशा भारत के राष्ट्रीय हितों (National Interests) को सबसे ऊपर रखते हैं और किसी के आगे नहीं झुकते 2. भारत-रूस दोस्ती पर कोई असर नहीं पुतिन ने स्पष्ट किया कि भारत एक महान देश है, जिसकी 1.5 अरब की आबादी है और यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है उन्होंने कहा कि भारत के अमेरिका या किसी भी अन्य देश के साथ बढ़ते नजदीकी संबंधों से रूस को कोई समस्या नहीं है । भारत और रूस की रणनीतिक दोस्ती इतनी गहरी है कि यह कभी नहीं टूट सकती 3. $100 अरब के व्यापार का लक्ष्य आर्थिक और व्यापारिक मोर्चे पर पुतिन ने एक बड़ा दावा करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर ($100 Billion) के आंकड़े तक पहुंच सकता है यह दर्शाता है कि दोनों देश न केवल रक्षा (Defense) बल्कि ऊर्जा (Energy) और व्यापार के क्षेत्र में भी अपने रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं पुतिन का यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह साबित करता है कि रूस भारत की 'स्वतंत्र विदेश नीति' का पूरी तरह सम्मान करता है और भारत अपने फैसले खुद लेता है, किसी महाशक्ति के दबाव में आकर नहीं