Tuesday, September 22, 2026

Giorgia Meloni Burqa Controversy: बुर्का... इटली में बैन 'टेंशन' में क्यों भारत के मौलाना? इटली से इस वक्त बुर्का और नकाब को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने की योजना का ऐलान किया है। इसके साथ ही विदेशी छात्रों की संख्या को लेकर भी क्लासरूम में एक कानूनी सीमा तय करने का प्रस्ताव रखा गया है।

 Giorgia Meloni Burqa Controversy: बुर्का... इटली में बैन 'टेंशन' में क्यों भारत के मौलाना?

इटली से इस वक्त बुर्का और नकाब को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने की योजना का ऐलान किया है। इसके साथ ही विदेशी छात्रों की संख्या को लेकर भी क्लासरूम में एक कानूनी सीमा तय करने का प्रस्ताव रखा गया है।

मेलोनी का कहना है कि इटली में रहने वाले लोगों को इटालियन भाषा सीखनी होगी, वहां की संस्कृति को समझना होगा और देश के नियमों का सम्मान करना होगा।

लेकिन यहां एक बड़ा सवाल है—क्या इटली में बुर्का पहले से पूरी तरह बैन था?

जवाब है—नहीं। इटली में 1975 का एक कानून ऐसी पोशाक पर रोक लगाता है जिससे किसी व्यक्ति की पहचान मुश्किल हो, लेकिन धार्मिक या सांस्कृतिक कारणों से चेहरे को ढकने को लेकर कानूनी स्थिति अलग रही है।

अब मेलोनी सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब पर स्पष्ट प्रतिबंध लाने की तैयारी कर रही है। खास बात यह है कि मेलोनी ने अपने प्रस्ताव में हिजाब का उल्लेख नहीं किया, बल्कि चेहरे को ढकने वाले बुर्का और नकाब की बात की है।

इसके अलावा सरकार विदेशी छात्रों की संख्या पर भी सीमा तय करना चाहती है। अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि एक क्लास में अधिकतम कितने विदेशी छात्रों की अनुमति होगी। इटली में पहले से ही गैर-इतालवी छात्रों की संख्या को लेकर कुछ प्रशासनिक दिशानिर्देश मौजूद हैं।

मेलोनी की इस घोषणा पर इटली में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। सरकार के समर्थक इसे स्कूलों में एकीकरण और भाषा सीखने से जोड़ रहे हैं, जबकि विरोधियों और कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने इसके संवैधानिक और व्यावहारिक प्रभावों पर सवाल उठाए हैं।

अब भारत में भी इस मुद्दे पर चर्चा क्यों हो रही है?

क्योंकि इटली का यह फैसला धर्म, पहनावे, महिला अधिकार, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और राष्ट्रीय कानून के बीच संतुलन को लेकर दुनिया भर में बहस छेड़ सकता है।

लेकिन ध्यान रहे—इटली में बुर्का और नकाब पर स्कूलों में प्रतिबंध की घोषणा हुई है, यह अभी अंतिम कानून नहीं है। प्रस्ताव को आगे कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा।

तो सवाल यही है—
क्या इटली का यह प्रस्ताव सिर्फ स्कूलों तक सीमित रहेगा, या आगे चलकर सार्वजनिक जगहों पर भी चेहरे को ढकने वाले पहनावे को लेकर नए कानून की राह खुलेगी?

इटली की राजनीति और संसद की अगली कार्रवाई पर अब पूरी दुनिया की नजर रहेगी।