Tuesday, September 22, 2026

गणेश चतुर्थी पर थाईलैंड में बवाल? Thailand में गणपति की भक्ति देखकर दुनिया हैरान! नमस्कार दोस्तों, गणेश चतुर्थी की धूम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। इस बार थाईलैंड में भी भगवान गणेश की भक्ति और उत्सव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।

गणेश चतुर्थी पर थाईलैंड में बवाल? Thailand में गणपति की भक्ति देखकर दुनिया हैरान!

नमस्कार दोस्तों,

गणेश चतुर्थी की धूम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। इस बार थाईलैंड में भी भगवान गणेश की भक्ति और उत्सव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।

थाईलैंड के फुकेत में 14 से 18 सितंबर 2026 तक दूसरे वार्षिक गणेश चतुर्थी महोत्सव का आयोजन हुआ। यहां थाई और भारतीय समुदाय के साथ पर्यटकों ने भी हिस्सा लिया। भगवान गणेश की शोभायात्रा फुकेत ओल्ड टाउन से निकली और भारत से आए 50 से ज्यादा कलाकारों के ढोल-ताशा प्रदर्शन ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।

लेकिन असली चर्चा तो बैंकॉक से आई एक अनोखी तस्वीर की है।

यहां भगवान गणेश को पारंपरिक मोदक या लड्डू के साथ-साथ बबल टी यानी बोबा मिल्क टी भी चढ़ाई जाती दिखाई दी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने भारतीय दर्शकों का ध्यान खींच लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने के बाद भगवान गणेश को बबल टी चढ़ाने की परंपरा का पालन करते हैं।

यानी थाईलैंड में भगवान गणेश की भक्ति का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है।

वहीं बैंकॉक के तीन प्रमुख मंदिरों में 14 से 25 सितंबर तक गणेश चतुर्थी से जुड़े पूजा और विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें Wat Thep Monthian, Wat Vishnu और Wat Khaek Silom शामिल हैं।

खास बात यह भी है कि थाई संस्कृति में भगवान गणेश को Phra Phikanet या Phra Phikanesuan के नाम से जाना जाता है। थाई धार्मिक कला में भगवान गणेश के कई रूप दिखाई देते हैं और उन्हें ज्ञान तथा बाधाओं को दूर करने वाले देवता के रूप में सम्मान दिया जाता है।

तो फिर सवाल—गणेश चतुर्थी पर थाईलैंड में बवाल क्यों?

दरअसल, उपलब्ध रिपोर्टों में किसी बड़े आधिकारिक विवाद की पुष्टि नहीं हुई है। “बवाल” वाली चर्चा मुख्यतः सोशल मीडिया पर वायरल हुए अनोखे पूजा-पद्धति वाले वीडियो और अलग-अलग सांस्कृतिक प्रतिक्रियाओं से जुड़ी नजर आती है।

थाईलैंड में गणेश चतुर्थी का यह उत्सव एक दिलचस्प उदाहरण है कि कैसे भगवान गणेश की आस्था भारत से बाहर भी अलग-अलग स्थानीय परंपराओं और संस्कृति के साथ जुड़ती जा रही है।

भारत के गणपति बप्पा अब थाईलैंड में भी भक्तों के बीच खास आस्था का केंद्र बने हुए हैं।

गणपति बप्पा मोरया!