इधर Jinping का Grand Welcome, उधर लड़ पड़े अमेरिकी अधिकारी और चीनी पत्रकार!
नमस्कार, आप देख रहे हैं 4S News।
अमेरिका में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ऐसा भव्य स्वागत हुआ कि पूरी दुनिया की नजरें वॉशिंगटन पर टिक गईं। लेकिन इसी हाई-प्रोफाइल दौरे के बीच व्हाइट हाउस के बाहर कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरे माहौल को अचानक गरमा दिया।
एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग का बेहद भव्य स्वागत किया। रेड कार्पेट, सैन्य सम्मान, दोनों देशों के झंडे और शानदार स्वागत समारोह के साथ जिनपिंग को व्हाइट हाउस में रिसीव किया गया।
ट्रंप ने जिनपिंग के साथ अपनी मुलाकात को सकारात्मक बताया, जबकि जिनपिंग ने भी अमेरिका और चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार के तौर पर काम करने की बात कही। व्यापार, AI, सुरक्षा और तकनीक जैसे मुद्दे दोनों नेताओं की बातचीत के केंद्र में रहे।
लेकिन इसी दौरान व्हाइट हाउस के बाहर कहानी कुछ और ही थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, जिनपिंग के स्वागत समारोह की तस्वीरें लेने के लिए चीनी पत्रकार और फोटोग्राफर निर्धारित कैमरा पोजिशन को लेकर अमेरिकी व्हाइट हाउस स्टाफ और सीक्रेट सर्विस अधिकारियों से उलझ गए।
मामला इतना बढ़ा कि वहां जोर-जोर से बहस और धक्का-मुक्की तक की स्थिति बन गई। विवाद मुख्य रूप से इस बात को लेकर था कि किस फोटोग्राफर को राष्ट्रपति के स्वागत की बेहतर जगह मिलेगी और सरकारी कैमरों के लिए कौन-सी पोजिशन तय होगी।
वीडियो में अमेरिकी अधिकारी चीनी मीडिया प्रतिनिधियों को अपनी निर्धारित जगह पर जाने के लिए कहते दिखाई दिए। वहीं चीनी प्रतिनिधिमंडल की ओर से भी इसका विरोध किया गया।
एक अमेरिकी अधिकारी ने स्थिति शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि किसी तरह इस दिन को बिना लड़ाई के पूरा करना होगा।
यानी जिस वक्त दुनिया कैमरों के सामने ट्रंप और जिनपिंग की दोस्ताना तस्वीरें देख रही थी, उसी वक्त कैमरों के पीछे प्रेस और सुरक्षा अधिकारियों के बीच तनाव का माहौल बन गया था।
और यह पहली बार भी नहीं था। रिपोर्टों के मुताबिक, मई 2026 में ट्रंप की बीजिंग यात्रा के दौरान भी अमेरिकी और चीनी प्रेस तथा अधिकारियों के बीच व्यवस्थाओं को लेकर विवाद हुआ था।
हालांकि महत्वपूर्ण बात यह है कि इस विवाद का ट्रंप-जिनपिंग की आधिकारिक मुलाकात पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। दोनों नेताओं ने तय कार्यक्रम के मुताबिक बैठक की और औपचारिक स्वागत समारोह भी जारी रहा।
तो एक तरफ दुनिया ने अमेरिका में जिनपिंग का Grand Welcome देखा और दूसरी तरफ उसी स्वागत समारोह के दौरान मीडिया और सुरक्षा अधिकारियों के बीच हुई तीखी झड़प ने सुर्खियां बटोर लीं।
अब सवाल यह है—क्या यह सिर्फ कैमरा पोजिशन को लेकर हुआ एक छोटा विवाद था, या फिर अमेरिका और चीन के बीच मौजूद बड़े तनाव की एक और झलक?
आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताइए।
ads