Dubai-Israel Plane Hijack Attempt: भारतीय पायलट ने बचाए 150 इजराइली, बाल-बाल बचा सबसे खतरनाक हाईजैक!
दुबई से इजरायल जा रही Flydubai की एक फ्लाइट में ऐसा खौफनाक घटनाक्रम हुआ, जिसने विमान में बैठे करीब 150 इजरायली यात्रियों की जान खतरे में डाल दी।
फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में करीब 174 यात्री और चालक दल के सदस्य थे। उड़ान के दौरान अचानक विमान की ऊंचाई तेजी से गिरने लगी और कुछ ही समय में विमान हजारों फीट नीचे आ गया।
इसी दौरान सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई—विमान के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर उनके को-पायलट ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार को-पायलट पर विमान को क्रैश करने की कोशिश का आरोप है।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की।
सबसे खास बात यह रही कि विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने बाद में विमान को संभाला और इसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया। विमान में मौजूद सभी लोग सुरक्षित बताए गए।
भारतीय पायलट स्मित मच्छर को चोटों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। Reuters के मुताबिक वह सर्जरी के बाद स्थिर स्थिति में थे। भारत और सऊदी अरब की ओर से उन्हें सहायता दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
घटना के बाद इजरायल में भी सुरक्षा को लेकर अलर्ट बढ़ गया था। शुरुआती समय में यह स्पष्ट नहीं था कि विमान में वास्तव में क्या हुआ है और क्या यह हाईजैक की कोशिश थी। बाद की रिपोर्टों में पायलट पर हमले और विमान को क्रैश करने की कथित कोशिश की जानकारी सामने आई।
इस पूरे मामले में जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि को-पायलट विमान में हथियार जैसी वस्तु लेकर कॉकपिट तक कैसे पहुंचा और इस हमले के पीछे वास्तविक मकसद क्या था।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यानी दुबई से इजरायल जा रही इस फ्लाइट में कुछ ही मिनटों के अंदर हालात सामान्य उड़ान से जिंदगी और मौत के संघर्ष में बदल गए। भारतीय पायलट के घायल होने के बावजूद कॉकपिट तक पहुंच और यात्रियों-क्रू की कार्रवाई ने एक संभावित बड़ी विमान दुर्घटना को टालने में मदद की।
फिलहाल जांच जारी है और हमले के पीछे का मकसद आधिकारिक रूप से स्पष्ट होना बाकी है।